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Pilibhit News: दिन में दुरुस्त और रात में सुस्त रहती है सुरक्षा व्यवस्था

Sat, 01 Nov 2025 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था दिन के समय दुरुस्त लेकिन रात में सुस्त हो जाती है। अधिकतर स्थानों पर सुरक्षा कर्मी नजर नहीं आते। वार्ड और गैलरी में सन्नाटा पसर जाता है। इमरजेंसी को छोड़कर अन्य स्थानों पर बमुश्किल ही सुरक्षाकर्मी नजर आते हैं। बृहस्पतिवार की रात 10:15 बजे की गई पड़ताल में अस्पताल की रात्रिकालीन सुरक्षा में लापरवाही नजर आई।
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जिला और महिला अस्पताल की सुरक्षा भूतपूर्व सैनिक व पीआरडी जवानों के जिम्मे है। दिन में तो ये सुरक्षाकर्मी पर्चा केंद्र से लेकर ओपीडी, भर्ती वार्डों में मरीज व तीमारदारों की सुरक्षा में मुस्तैद दिखते हैं। पर्चा काउंटर, दवा और अन्य स्थानों पर जुटने वाली मरीजों की भीड़ को भी नियंत्रित करते हैं। रात्रि में उपस्थिति लगाकर आधे से ज्यादा कर्मी नदारद हो जाते हैं। यह हाल तब है जब कुछ दिन पहले ही शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में दुष्कर्म की घटना हो चुकी है। घटना को लेकर आला अफसरों ने भी संज्ञान लिया, लेकिन जिम्मेदारों ने घटना से सबक नहीं लिया।
इमरजेंसी गेट और सेंट्रल लैब के पास नहीं थे सुरक्षाकर्मी
रात 10:15 बजे जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास कुुछ तीमारदार खड़े होकर आपस में बात कर रहे थे। गेट के पास कोई भी सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया। थोड़ा आगे बढ़ने पर मेडिसिन और सर्जरी वार्ड के पास भी सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आए। गैलरी में भी सन्नाटा पसरा था। करीब 10:30 दस सेंट्रल लैब के बाहर कोई भी सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया। यह लैब 24 घंटे मरीजों के लिए खुली रहती है।
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महिला अस्पताल के गेट पर भी नहीं दिखी सुरक्षा
जिला महिला अस्पताल के गेट के पास भी सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आए। अन्य सुरक्षा इंतजाम भी नहीं दिखे, जबकि महिला अस्पताल गेट पर आए दिन तीमारदारों के हंगामे की घटनाएं होती रहती हैं। किसी न किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनती है। पूरी रात गर्भवती और अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के तीमारदारों का आना-जाना भी रहता है। महिला अस्पताल आने वाले रास्ते पर भी शाम होने के बाद सन्नाटा रहता है। पार्क और अन्य स्थानों पर भी सन्नाटा नजर आया।
इतने सुरक्षाकर्मी संभाल रहे जिम्मेदारी
मेडिकल कॉलेज की ओर से जिला व महिला अस्पताल की सुरक्षा में 56 भूतपूर्व सैनिक, छह सुपरवाइजर की तैनाती की गई है। सुरक्षाकर्मी दिन व रात की डयूटी रोस्टर के अनुसार करते हैं। सुपरवाइजर का काम सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी का रोस्टर और निगरानी है। इसके अलावा दोनों अस्पतालों में करीब 88 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला अस्पताल परिसर में कंट्रोल रूम बनाकर निगरानी की जाती है।
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कोट
जिला अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की भरपूर संख्या में तैनाती है। डयूटी पर भी तैनात रहते हैं। अगर कोई लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल
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