पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष भी डेंगू से निपटने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। यह और बात है कि हर साल जून के अंतिम सप्ताह में डेंगू के संक्रमण को कम करने के लिए तैयारियां शुरू होती हैं पर बाद में धरातल इनका असर नहीं दिखता।
शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय और ब्लाॅक स्तरीय बैठक हुई, जिसमें कई निर्देश दिए गए। बताया गया कि जिला अस्पताल और सभी सीएचसी में डेंगू पीड़ितों के लिए वार्डों को तैयार कर लिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, एक जुलाई से संचारी रोग और दस्तक अभियान की शुरुआत की जाएगी।
डेंगू की सूचना पर किया जाता है जागरूक
अगर किसी क्षेत्र में डेंगू की रिपोर्ट सकारात्मक मिलता है तो वहां लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाता है। साथ डेंगू की रोकथाम के लिए अन्य कदम उठाए जाते हैं।
ये हैं डेंगू के लक्षण
- सिरदर्द, तेज बुखार, मांसपेशियों, हड्डियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना व उल्टी होना, आंखों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना,
ऐसे करें बचाव
पानी की टंकी और बर्तनों को ढक कर रखें, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें, घर के खिड़की, दरवाजों पर जाली लगवाएं, बुखार होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाएं और चिकित्सक का परामर्श लें।
रोकथाम में इन विभागों की रहती है भूमिका
डेंगू के संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर निकाय, पंचायतीराज विभाग, पशुपालन, कृषि एवं सिंचाई, सूचना व उद्यान विभाग, शिक्षा विभाग की सक्रिय भूमिका रहती है।
डेंगू की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक की गई है। आशाओं के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अभी बजट नहीं आया है।
-आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ