पीलीभीत। कोरोना वायरस के बीच डेल्टा और डेल्टा प्लस स्वरुप के मरीज मिलने के बाद जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा बाहर राज्यों से आने वाले लोगों की निगरानी के लिए दोबारा से सर्विलांस टीम को सक्रिय कर दिया है। साथ ही रेलवे और रोडवेज पर भी निगरानी कराई जा रही है।
सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि डेल्टा स्वरूप बेहद खतरनाक है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के उज्जैन में डेल्टा प्लस से एक-एक मौत हो चुकी है। इसके अलावा डेल्टा स्वरूप के दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, ओडिसा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना में मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में जिले में टीमों का अलर्ट कर दिया है। साथ जिला सर्विलांस अधिकारी के साथ बैठक कर उन्हें दोबारा से टीम को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। यहां की यात्रा करने वाले लोगों की आरटीपीसीआर जांच कराने के साथ संदिग्ध लगने वाले यात्रियों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी करने के साथ 14 दिन तक उसे निगरानी में रख जाएगा। फिलहाल अभी तक जिले में इस तरह कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके अलावा बस अड्डे, रेलवे स्टेशन पर नियमित रूप से यात्रियों के नमूने लेकर वायरस की जांच कराई जा रही है।
ये होते हैं लक्षण
सीएमओ ने बताया कि वायरस के डेल्टा स्वरूप के लक्षण भी लगभग पहले स्वरूप के समान ही हैं। इसमें सूखी खांसी होती है, बुखार आने के साथ कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है। हालत बिगडने पर सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी और सांस फूलने लगती है। बातचीत करने में भी मरीज को परेशानी होने लगती है। इसलिए इस तरह के लक्षण होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर अपना सैंपल कराएं।