पीलीभीत। कोरोना संक्रमण के प्रति सतर्क रहते हुए अपने दिनचर्या को ठीक रखकर स्वयं और परिजन को भी सुरक्षित रख सकते हैं। इनमें आपकी मदद कर सकते हैं हरी सब्जियां और फल।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौर में घर के बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा व उनके खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि इस बीमारी के चपेट में सबसे ज्यादा आने वालों की संख्या बुजुर्गों की ही है, लेकिन कोरोना अब बच्चों को प्रभावित कर रहा है। इसलिए इन्हें घर पर ही सुरक्षित रखें। मास्क जरूर पहने। शारीरिक दूरी बनाकर रहें। ठंडा पदार्थों को पीने से बचें और ज्यादा भीड़ वाले जगहों पर न जाएं। खाने के लिए हरी सब्जियों व फलों प्राथमिकता दें। सर्दी, बुखार, खांसी, शरीर दर्द व अधिक सांस फूलने पर लापरवाही न करें। तत्काल किसी चिकित्सक से इलाज कराएं। ये कोरोना के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। बीमारी होने पर घबराएं नहीं बल्कि सकारात्मक सोच के साथ अपनी दिनचर्या को ठीक रखें। योग प्राणायाम सहित अन्य हल्के व्यायाम को जीवनशैली बनाएं। वहीं मनोचिकित्सक पल्लवी सक्सेना ने बताया कि बच्चों का डराने से ज्यादा उनसे सकारात्मक बातें करें। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा। बुजुर्गों और बच्चों की पढ़ाई में मदद करें। इससे दोनों का समय अच्छा बीतेगा। इसके अलावा बेहतर होगा कि बुजुर्ग स्वयं अपनी सकारात्मक सोच के आधार पर चार लाइनें लिखकर याद कर लें और सोते समय और उठते समय उसे मन में दोहराएं। इससे वह खुद को फिट महसूस करेंगे।
ये है बचाव का तरीका
बार-बार हाथ धोते रहें। हाथ गंदे न हों तब भी कुछ देर में उसकी धुलाई कर लें। सैनिटाइजर न होने पर साबुन पानी से हाथ धुलना भी फायदेमंद है। बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छुएं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। खांसते वक्त रुमाल नहीं है तो कोहनी को मोड़कर मुंह पर लगाएं।
इन लक्षणों पर ध्यान दें, सतर्क रहें, घबराएं नहीं
- अगर आपको सूखी खांसी हो रही तो यह सिर्फ प्रदूषण के कारण है।
- खांसी के साथ बलगम आ रहा है और नाक बह रही है तो यह एलर्जिक कफ है।
- नाक बह रही, बलगम आ रहा है और खांसी हो रही है यह फ्लू या स्वाइन फ्लू या वायरल हो सकता है।
- तेज बुखार, सूखी खांसी, सांस फूलना और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर सावधान हो जाएं। जांच कराएं, घबराएं नहीं।