फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पदोन्नति पाने वाले हेडमास्टर को बीएसए ने पदोन्नति वापस कर दिया। मामला विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिला बरेली के नबाबगंज निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने शासन स्तर व डीएम से शिकायत जूनियर हाईस्कूल चंदोई के हेडमास्टर शमशुल हसन पर फर्जी दस्जावेजों के आधार पर पदोन्नति हासिल करने का आरोप लगाया था। पत्र में इसी विद्यालय की कंप्यूटर अनुदेशक पर चयन निरस्त होने के बाद भी हेडमास्टर पर गलत तरीके से कार्यभार ग्रहण करने का आरोप लगाया गया था।
मामले की जांच बीएएस को सौंपी गई थी। बीएसए ने कुछ दिन पूर्व कंप्यूटर अनुदेशक को दोषी पाते हुए कार्यमुक्त कर दिया था। इधर, पदोन्नति मामले में हुई जांच में बीएसए ने हेडमास्टर को गलत दस्जावेजों के आधार पर प्रोन्नति हासिल करने का दोषी पाते हुए रिवर्ट कर दिया।
बीएसए अंबरीष कुमार यादव ने बताया कि शिकायत पर पर प्रधानाध्यापक शमशुल के पदोन्नति मामले की जांच की गई थी। जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पदोन्नति हासिल करने का मामला प्रकाश में आने पर उसे रिवर्ट किया गया है।