बीसलपुर। नियति भी कैसे कैसे मंजर दिखाती है। जिन भाइयों पर राखी बंधवाने के लिए बहन के घर आना था, उसी बहन की अंत्येष्टि में उन्हें शामिल होना पड़ा। बहन का शव देखते ही तीनों भाई फूट फूटकर रोने लगे।
थाना जहानाबाद के गांव मीरपुर के तीन भाइयों को शुक्रवार को बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव नसरुल्लापुर में रह रही अपनी बहन से राखी बंधवाने आना था। कोतवाली क्षेत्र के गांव नसरुल्लापुर में राम प्रताप गंगवार की पत्नी सुनीता देवी की उनके पुत्र ने ही हत्या कर दी। अपनी बहन की हत्या होने की सूचना मिलते ही मीरपुर में रहने वाले सुनीता के भाइयों प्रमोद गंगवार, पिंटू गंगवार और धर्मेंद्र कुमार के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई। पहले तो उन्हें इस सूचना पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब उनके बहनोई राम प्रताप ने उन्हें विस्तार से पूरी बात बताई और मृत पड़ी सुनीता का फोटो व्हाट्सएप पर भिजवाया, तब उन्हें विश्वास करना पड़ा। उन्हें सूचना बुधवार की रात 10 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही वे लोग वहां से रवाना हो गए और रात 11:30 बजे आ गए। बहन को मृत पड़ा देखकर तीनों भाई फूट-फूट कर रो पड़े। तीनों भाइयों ने अपनी बहन को देने के लिए उपहार भी भी खरीद कर रख लिए थे। उन्हें क्या पता था कि नियति को कुछ और ही मंजूर है। उनकी बहन तीनों भाइयों में सबसे बड़ी थी। संवाद