खेलते समय फिसल कर गिरी नरेंद्र तिवारी की छह वर्षीय पुत्री पाश्वी ने बचाव में छत से सटे निकले बिजली के तार को पकड़ लिया। उसकी मौके पर झुलस कर दर्दनाक मौत हो गई। मासूम की मौत से घर में कोहराम मच गया। घरवालों के पोस्टमार्टम कराने से इंकार करने पर पुलिस ने शव पंचनामा भरकर घरवालों को सौंप दिया। हादसे के बाद मोहल्ले वालों में बिजली विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
मोहल्ला सुनगढ़ी निवासी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि वह अपने पुराने मकान का निर्माण करा रहे हैं। रविवार की सुुबह दूसरे नंबर की बेटी पाश्वी निर्माणाधीन मकान की छत पर चली गई। छत पर पानी भरा हुआ था। सुबह करीब आठ बजे उसका अचानक पैर फिसल गया। गिरते समय उसने बचाव में छत से करीब डेढ़ फिट ऊंचाई पर झूल रहे एलटी लाइन तार को पकड़ लिया। इससे वह तार में चिपक गई। बच्ची के शोर मचाने पर आसपास के मकानों में दूसरी मंजिल पर रह रहे लोगों की नजर तड़प रही पाश्वी पर पड़ी।
लोगों ने जब शोरशराबा किया तो तमाम लोगों के साथ घरवाले मौके पर पहुंचे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वह कक्षा केजी की छात्रा थी। तीन बहनों संस्कृति, सिद्धि में दूसरे नंबर की थी। मासूम की मौत से उसके घर में कोहराम मच गया। मां पूनम तिवारी और पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग माता-पिता को दिलाशा दिला रहे थे। परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। जिस पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव घरवालों को सौंप दिया।
काफी दुखद घटना है। मैंने अधिनस्थ कर्मचारियों से पहले से ही जन सुरक्षा के आदेश दे रखे है। देखा गया है कि कुछ लोगों ने अपने मकानों के छज्जे आदि लाइन के नीचे निकाल रखे हैं। इससे दुर्घटना हो जाती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे मकानों को चिह्नित कराकर नगरपालिका के माध्यम से अतिक्रमण हटवाया जाएगा और एबीसी लाइन डलवाई जाएगी।
- लोकेंद्र बहादुर सिंह, एक्सईएन, बिजली विभाग