गांव जटपुरा में दंगल के अंतिम दिन 17 कुश्तियां हुईं। इसमें सबसे रोमांचक कुश्ती हाथरस के रामेश्वर व जाट रेजीमेंट के संदीप की रही। इस इनामी कुश्ती के विजेता बने रामेश्वर को कमेटी की ओर से रखा गया 11 हजार का नगद इनाम राज्यमंत्री हेमराज वर्मा विजेता पहलवान को सौंपा।
विशाल दंगल के अंतिम दिन 17 कुश्तियां हुई। इसमें मैलानी (लखीमपुर) के अमन को पिपरा (पीलीभीत) के वासुदेव ने दे मारा। इसके बाद फतेहगंज (बरेली) के गुड्डू को खरदाई (पीलीभीत) के जयंती ने पटकी मारी। दहगला (पीलीभीत) के छत्रपाल को गुलाब अखाड़ा (बरेली) के यूनुस ने चित किया। गुलाब अखाड़ा (बरेली) के अय्यूब व हाथरस के मोहित की कुश्ती बराबर पर छूटी। हाथरस के वीरपाल ने गुलाब अखाड़ा (बरेली) को हराया। इसके बाद हाफिजगंज (बरेली) के राजा और जाट रेजीमेंट (बरेली) कुश्ती बराबर की रही। रेफरी की भूमिका जटपुरा के पुत्तूलाल व धनकुना के मसरूम ने निभाई। अंतिम दिन भारी संख्या में लोग दंगल देखने पहुंचे। इस मौके पर सपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर, अधिवक्ता विनय कुमार सक्सेना, ग्राम प्रधान धर्मवती वर्मा, दंगल आयोजक अधिवक्ता विद्याराम वर्मा प्रधानपति, बलवीर सिंह, खान चंद, इलियास, संतोष, नरेंद्र, रहीशुद्दीन, ज्ञानीराम, बीरवल, आनंद, श्यामबिहारी आदि लोग मौजूद रहे।