शारदा नदी के निशाने पर आ चुके नहरोसा को बचाने की कोशिशें कामयाब होती नजर जा रही हैं। बाढ़ खंड और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से कराए जा रहे काम से कटान पर कुछ हद तक अंकुश लगा है। इससे ग्रामीणों को गांव सुरक्षित बचने की उम्मीद जगने लगी है।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से पिछले कई दिनों से नहरोसा गांव के निकट कटान हो रहा है और नदी लगातार गांव की ओर बढ़ रही है। जिससे गांव के अस्तित्व पर संकट आ गया था। स्थिति को बिगड़ते देख जहां बाढ़ खंड की टीम ने मौके पर पहुंचकर काम शुरू कराया वहीं ग्रामीणों ने भी अपने स्तर से पेड़ आदि काटकर नदी के कटान क्षेत्र में डालने शुरू किए। कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड द्वारा रात में भी जनरेटर लगाकर लगातार बल्लाकटर व प्लास्टिक के बैगों मेें रेत मिट्टी भरकर डाली जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक रात दिन चल रहे बचाव कार्य से कटान की गति काफी धीमी हो गई है। हालांकि अभी भी जिस जगह काम चल रहा है उससे आगे कटान हो रहा है, लेकिन इसके भी जल्द नियंत्रित होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके खेतों में नदी का कटान अभी भी जारी है। बीते 24 घंटे में नदी सज्जाद व सरवर की डेढ़, मिराज की तीन, पुत्तन की दो , इकरार की ढाई, सहजू की तीन, सईद की ढाई, इरशाद की डेढ़ एकड़ जमीन को मय लहलहाती फसलों के साथ अपने आगोश में ले चुकी है।