जंगल की सैर महंगी होने से नहीं बढ़ पा रही पर्यटकों की संख्या
7500 रुपये तक पांच फीसदी, उससे अधिक पर 18 प्रतिशत देगा होगा जीएसटी
शासन के निर्देश के बाद अब चूका बीच में पर्यटकों के हटों की बुकिंग में कटौती कर दी गई। पहले बुकिंग कराने पर 18 प्रतिशत जीएसटी चार्ज शामिल किया गया था। अब इसमें संशोधन के बाद 7500 रुपये तक की बुकिंग पर पांच प्रतिशत जीएसटी, जबकि 7500 रुपये से ऊपर की बुकिंग कराने पर 18 प्रतिशत जीएसटी चार्ज ही लिया जाएगा।
टाइगर रिजर्व बनने के बाद पहली बार चूका बीच व जंगल सफारी की जिम्मेदारी वन निगम के हवाले की गई है। जिसके बाद वन निगम ने जो चूका बीच की हटों की बुकिंग शुरू की थी, उसमें 18 प्रतिशत जीएसटी चार्ज लिया जा रहा था। जिससे पर्यटकों के लिए जंगल की सैर काफी महंगी साबित हो रही थी। किराया दर अधिक होने के चलते पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा नहीं हो पा रहा था।
अब हट बुकिंग में कम लगेगा जीएसटी चार्ज
चालू सत्र में जो पर्यटक हट बुक कराते थे, उसमें 18 प्रतिशत जीएसटी चार्ज भी शामिल था। एक तो जंगल सफारी से लेकर गाइड का आदि का चार्ज बढ़ाकर लिया जा रहा था, साथ ही जीएसटी की भी मार झेलना पड़ रही थी। इधर अब शासन के निर्देश के बाद 7500 रुपये तक की बुकिंग पर मात्र पांच फीसदी जीएसटी चार्ज लिया जाएगा, लेकिन इससे अधिक की बुकिंग पर पूर्व की भांति 18 प्रतिशत ही जीएसटी चार्ज ही वसूला जाएगा। वन निगम के प्रभारी प्रमोद कुमार पांडे ने बताया कि पर्यटकों द्वारा जीएसटी चार्ज अधिक होने की बात कही जा रही थी। इसमें खासी कमी की गई है। उम्मीद है कि अब पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा होगा।
रोजाना पहुंच रहे हैं 20 से अधिक पर्यटक
चूका बीच में जंगल सफारी से 26 नवंबर को 20 पर्यटक पहुंचे, जबकि 27 नवंबर को 22 पर्यटकों की आमद हुई। चूका प्रभारी जमीलुर्रहमान ने बताया पर्यटकों द्वारा 27 नवंबर को दो थारू व एक ट्री हट बुक की गई थी। चूका बीच में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दरअसल पिछले वर्ष पर्यटक अपने वाहन व बाइकों से भी चूका बीच आते थे। इस बार जंगल सफारी का किराया देकर मुस्तफाबाद से चूका बीच आना जाना पड़ रहा है। इसका भी पर्यटकों पर खासा असर पड़ रहा है।
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