राजस्व संबंधी कानूनों में बदलाव का नई राजस्व संहिता निर्धारित की गई है। 11 फरवरी से लागू हो रही इस संहिता को लेकर मंडल प्रशिक्षण प्रभारी/एडीएम शाहजहांपुर एमएल उपाध्याय ने अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर नए नियमों की जानकारी दी।
कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में हुए प्रशिक्षण में प्रशिक्षण प्रभारी ने बताया कि नई राजस्व संहिता में अब 234 धाराएं रखी गई हैं। इसके लागू होने से वादों और जन समस्याओं के निस्तारण में आसानी होगी। कोई भी व्यक्ति अब निर्धारित शुल्क जमाकर अपनी जमीन की पैमाइश करा सकता है। वहीं चलन में आ चुके रास्तों को खुलवाने का अधिकार भी तहसीलदार को होगा। उन्होंने बताया कि बंटवारे का विवाद कानूनगो स्वयं मौके पर जाकर निपटा सकेंगे। उन्होंने बताया कि 11 फरवरी से इसे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसे लागू होने से समय की काफी बचत होगी। उन्होंने बताया कि राजस्व संबंधी वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए अब न्यायिक तहसीलदार की तरह न्यायिक एसडीएम और न्यायिक एडीएम पदों का सृजन भी किए जाने का प्राविधान संहिता में किया गया है। न्यायिक पदों के सृजन से लगातार बढ़ रहे राजस्व वादों का निस्तारण समय से हो सकेगा। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा सभी एसडीएम व तहसीलदार सहित राजस्व से जुड़े कई अधिकारी कर्मचारी थे।