पीलीभीत। तृणभोजी वन्यजीवों के लिए भोजन की उपलब्धता और सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के पर्यटन क्षेत्र में ग्रासलैंड को विकसित किया गया है। पीटीआर प्रशासन की ओर से दो माह से प्रयास किए जा रहे थे। एक हजार हेक्टेयर में जोताई का कार्य पूरा होने के बाद अब नई घास उगने लगी है।
पीलीभीत का प्रमुख पर्यटन स्थल महोफ रेंज में स्थित है। जंगल सफारी के चिह्नित मार्ग पर अधिकांश प्वाइंट भी महोफ रेंज में ही हैं। सात माह तक चलने वाले पर्यटन सत्र में सैलानियों की बेहतर संख्या रहती है। जंगल सफारी के दौरान सैलानी वन्यजीवों के दीदार की आस लगाए रहते हैं।
अफसरों की मानें तो पीटीआर में करीब चार हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रासलैंड है। बरसात के दौरान घास बड़ी हो जाती है। इससे सफारी के दौरान बाघ आदि दिखने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के बाद पीटीआर प्रशासन ने नए ग्रासलैंड को विकसित करने के प्रयास शुरू किए थे।
दो माह में एक हजार हेक्टेयर दायरे में जोताई के बाद नई घास तैयार की गई है। घास उगने से तृणभोजी वन्यजीवों को भोजन में आने वाली परेशानी के दूर होने के साथ बाघ के दीदार भी आसानी से हो सकेंगे।
26 हजार से अधिक पहुंच चुके सैलानी
पीटीआर के पर्यटन सत्र की बात करें तो छह नवंबर से लेकर अब तक करीब 26 हजार सैलानी पीटीआर का भ्रमण करने आ चुके हैं। वहीं, करीब 110 विदेशी सैलानी भी पीटीआर की खूबसूरती निहार चुके हैं। इसमें कई प्रसिद्ध वन्यजीव प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और अन्य वन संस्थाओं से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
बाघ के दीदार में आगे, ग्रासलैंड से और बेहतर होंगे परिणाम
पीटीआर का पर्यटन सत्र बाघ के दीदार के मामले में अन्य टाइगर रिजर्व को पछाड़ रहा है। पीटीआर के आंकड़ों की मानें तो रोजाना सफारी के दौरान बाघ के दीदार हो रहे हैं। अब एक हजार हेक्टेयर में नए ग्रासलैंड विकसित होने से बाघ के दीदार में और आसानी होगी।
वर्जन
पर्यटन क्षेत्र में एक हजार हेक्टेयर दायरे में ग्रासलैंड को विकसित किया गया है। दो माह पूर्व से प्रयास किए जा रहे थे। इससे बाघ के दीदार में भी आसानी होगी। - सहेंद्र यादव, रेंजर, महोफ रेंज