फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: हमले में घायल ग्रंथी की साढ़े तीन महीने बाद इलाज के दौरान मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
पूरनपुर। जानलेवा हमले में घायल शाहजहांपुर के थाना खुटार के गांव कजरा निवासी ग्रंथी हरविंदर सिंह (34) की इलाज के दौरान दो दिन पहले बरेली में मौत हो गई। कोतवाली पुलिस ने घटना में ग्रंथी की पत्नी और उसके दोस्त गांव रम्पुरा कोन के कुलदीप सिंह उर्फ सोनी और राकेश का चालान किया था।
विज्ञापन

घटना एक मार्च की है। गांव कढ़ेरचौरा से गांव रम्पुरा कोन जाने वाले मार्ग पर नदहा पुलिया के समीप ग्रंथी बेहोश मिला था। सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किए गए ग्रंथी को इलाज के लिए बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ग्रंथी की पत्नी गुरजीत कौर ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने घटना का खुलासा कर सात मार्च को ग्रंथी की पत्नी और उसके दोस्त कुलदीप सिंह का चालान किया था। इनको जेल भेजा गया था।
पुलिस का तर्क था कि ग्रंथी की पत्नी के प्रेम संबंध छह महीने पहले कुलदीप सिंह से हो गए थे। इसकी भनक पर हरविंदर ने विरोध कर नाराजगी जताई थी। इस पर ग्रंथी की पत्नी ने प्रेमी से मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पत्नी गुरजीत कौर ने घटना के दिन शाम को पति को सामान लेने को गांव कढेरचौरा भेजा। साथ ही इसकी जानकारी प्रेमी कुलदीप को दी थी। योजना के तहत कुलदीप ने अपने साथी राकेश के साथी गांव कढेरचौरा पहुंचा। ग्रंथी के बाइक से गांव रम्पुरा कोन लौटने पर रास्ते में कुलदीप ने राकेश के साथ उसे रास्ते में घेरकर जान से मारने की नीयत से प्रहार कर घायल कर दिया।
विज्ञापन

ग्रंथी को मरा समझकर दोनों मौके से भाग गए थे। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का बरमा बरामद कर ग्रंथी की पत्नी गुरजीत कौर, उसके प्रेमी कुलदीप सिंह और कुलदीप के दोस्त राकेश को गिरफ्तार कर चालान किया था।
गांव रम्पुरा कोन के पूर्व प्रधान रंजीत सिंह ने बताया कि घायल ग्रंथी की दो दिन पहले बरेली में मौत हो गई। सीओ विधि भूषण मौर्या ने बताया क मौत की जानकारी थाना पुलिस को मिली है। परिजनों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद दर्ज रिपोर्ट में नियमानुसार धारा बढ़ाई जाएगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें