नियुक्ति में अनियमितता पाये जाने पर हुई कार्रवाई
ग्राम पंचायत अधिकारी की नियुक्ति के मामले में अनियमितता उजागर होने पर कार्रवाई हो गई। डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं इस मामले में एक और लिपिक को निलंबित किया गया है।
बिलसंडा ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी बटन लाल की सेवा के दौरान मृत्यु के बाद एक अन्य ग्राम पंचायत बाबूराम गंगवार के पुत्र राजीव प्रकाश ने खुद को बटनलाल का दत्तक पुत्र दर्शाकर ग्राम पंचायत अधिकारी की नौकरी हासिल कर ली। इसकी शिकायत होने पर डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव प्रकाश को डीपीआरओ कार्यालय से संबद्ध कर जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ राजीव प्रकाश ने कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने मामला गंभीर बताते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए। कोर्ट के दखल के बाद खुद को फंसता देख अधिकारियों ने पूर्व में चल रही जांच पूरी कर कार्रवाई शुरू की। डीएम मासूम अली सरवर ने ग्राम पंचायत अधिकारी को गोदनामे के माध्यम से हासिल की गई नौकरी को गलत पाते हुए पद से हटा दिया। डीएम के आदेश को ग्राम पंचायत को रिसीव करा दिया गया है। इससे पूर्व इस मामले में दो लिपिकों को भी सस्पेंड करने के आदेश डीएम ने दिए थे जिस पर सीडीओ ने प्रधान सहायक को निलंबित कर दिया था जबकि कार्यालय लिपिक भूपेंद्र की फाइल डीपीआरओ दबाए रहे। शनिवार को सीडीओ की फटकार के बाद डीपीआरओ ने कार्यालय लिपिक भूपेंद्र को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
डीपीआरओ पर भी कार्रवाई की संस्तुति
ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव प्रकाश की नियुक्ति के मामले में तत्कालीन डीपीआरओ अजय कुमार सिंह की भी संलिप्तता पाते हुए डीएम ने विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। इसके लिए निदेशक पंचायतीराज एवं डीडी पंचायत को लिखा गया है।
दत्तक पुत्र के रूप में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी की नियुक्ति जांच में गलत पाई गई है। डीएम ने राजीव प्रकाश की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। डीएम के आदेश संबंधित व्यक्ति को रिसीव करा दिया गया है।
- इंद्रदेव द्विवेदी, सीडीओ