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सरकारी क्रय केन्द्र बंद, मगर आढ़तों पर लगे गेहूं के ढेर

Fri, 03 Apr 2015 12:23 AM IST
पीलीभीत।
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शासन ने दो अप्रैल से गेहूं खरीद के निर्देश दिए थे। इसके लिए केंद्रों का निर्धारण कर पहली अप्रैल तक व्यवस्थाएं मुकम्मल की जानी थीं। मगर विभागीय हीलाहवाली के चलते पहले दिन एक भी क्रय केंद्र नहीं खोला जा सका। इससे मंडी में पहुंचे गेहूं की खरीदारी नहीं हो सकी।
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जिले में गेहूं खरीद के लिए पहले 136 क्रय केंद्र खोले जाने थे जिनकी संख्या अब 134 कर दी गई है। अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टिंग के ठेके तक नहीं हुए हैं। पहली अप्रैल शाम तक सभी केंद्रों पर बैनर, कांटा, वारदाना एवं किसानों की सुविधाओं के लिए अन्य व्यवस्थाएं की जानीं थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

अमर उजाला ने गुरुवार को इसकी पड़ताल की तो पीलीभीत मंडी समिति में 15 केंद्रों में से सिर्फ दो पर बैनर टंगे मिले और एक पर बिना बैनर के कांटा और वारदाना लेकर कुछ लोग नजर आए। इसके उलट मंडी की आढ़तों पर लगातार तीन दिन से गेहूं की आवक हो रही है। प्रस्तुत है गेहूं खरीद के हालात....
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 मंडी समिति टिनशेड नंबर-एक
रामलीला गेट की ओर से प्रवेश करने पर टिनशेड नंबर एक में एक मेज पड़ी दिखी। दो इलेक्ट्रानिक कांटे व वारदाना की गांठे रखी मिलीं। पड़ोस में कुछ लोग कुर्सी पर बैठे थे जिनका खरीद से कोई संबंध नहीं रहा।
मंडी में लगा क्रय विक्रय समिति का बैनर
मंडी के मुख्य गेट के सीधे जाने पर कैंटीन के सामने स्थित टिन शेड में क्रय विक्रय समिति का बैनर लगा मिला लेकिन यहां न तो तौल की कोई व्यवस्था थी और न ही कोई स्टाफ मौजूद रहा।
यूपी स्टेट एग्रो का उर्वरक केंद्र
उर्वरक केंद्र के पास ही यूपी स्टेट एग्रो कोआपरेटिव का बैनर लगा मिला। उर्वरक केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि तौल खरीद के लिए सामग्री आ गई है लेकिन अवकाश होने के कारण खरीद नहीं हो रही है।
मंडी में तीसरे दिन भी हुई आवक
सरकारी महकमे ने भले ही गेहूं खरीद के इंतजाम न किए हो लेकिन मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है। मंगलवार से आवक शुरू हुई थी जो तीसरे दिन भी जारी रही। गुरुवार को मंडी में 22 सौ कुंतल की आवक दर्ज की गई। इसकी बिक्री 12 सौ से 1360 रुपये प्रति कुंतल तक हुई।
गेहूं में आ रही 20 प्रतिशत तक नमी
मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है लेकिन इसमें 14 से 20 प्रतिशत तक नमी है। इस नमी के चलते आढ़ती भी खरीद में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। गुरुवार को मंडी में पहुंचे नम गेहूं को धूप में फैलाकर सुखाने के बाद खरीद की गई।
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धान खरीद के लिए जिले में 134 केंद्रों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसको लेकर बुधवार को एडीएम ने स्वयं बैठक भी की थी। शासन से दो दिन का अवकाश घोषित होने के कारण खरीद सामग्री केंद्रों पर नहीं पहुंच सकी है। अब खरीद चार अप्रैल से की जाएगी।
- ईश्वर चंद्र गुप्ता, डिप्टी आरएमओ
गेहूं क्रयकेंद्र न खुलने से किसान परेशान
हजारा। ट्रांस क्षेत्र में अभी तक गेहूं क्रय केंद्र न खोले जाने से किसान परेशान हैं। जिससे उनमें रोष है। कोठिया गुदिया, कबीरगंज, रामनगर, गांधीनगर, विजयनगर आदि गांवों के किसान तैयार फसल को आढ़तियों के हाथों औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।
किसानों को नहीं मिल रहा वाजिब मूल्य
बिलसंडा। कुदरत की मार से बेहाल अन्नदाताओं को बाजार मेें गेहूं का उचित दाम भी नहीं मिल पा रहा है। क्रय केंद्र न खुलने से उन्हें अपनी फसल बाजार में औने पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खेत में फसल गिरने से रिकवरी पर असर पड़ रहा है। दाना हल्का होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। बाजार में गेहूं का भाव निर्धारित मूल्य से 200 रुपये कम का है। अभी तक एक भी सरकारी क्रय केंद्र नहीं खुला है। जिसकी वजह से बाजार में मंदी है। कस्बा बमरोली निवासी कृषक कीर्तिराम वर्मा, खैराफार्म निवासी अक्षर सिंह और श्रवण सिंह का कहना है कि मकसूदापुर शुगर मिल द्वारा क्रय किए गए गन्ने का भुगतान न होने से किसान आर्थिक रूप से पहले से ही परेशान हैं ऊपर से गेहूं की पैदावार में आई कमी और बाजार में दाम न मिलने से किसान और घाटे में आ गया है।
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