शुक्रवार के अंक पर प्रकाशित खबर।
- फोटो : शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में की जा रही सजावट।
पीलीभीत। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में विभागीय मद की करोड़ों रुपये की धनराशि निजी खातों में लेनदेन किए जाने का मामला सामने आने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है।
प्रकरण में लापरवाही के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। डीआईओएस कार्यालय में वर्ष 2015 से संबद्ध चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी द्वारा विभागीय धनराशि अपने और पत्नी अर्शी खातून के खाते में ट्रांसफर किए जाने का मामला तब उजागर हुआ, जब सीडीओ स्तर से कराई गई जांच से जुड़ा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जिलाधिकारी की सख्ती के चलते शुक्रवार को कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया।
कर्मचारी की पत्नी अर्शी खातून के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में डीआईओएस कार्यालय से जुड़े 21 नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) के जरिये 3 दिसंबर वर्ष 2025 को 24.27 लाख रुपये भेजे गए। बैंक रिकॉर्ड खंगालने पर जून 2024 से अब तक कुल 1.01 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन पाए जाने की बात सामने आई। कोषागार रिपोर्ट में भी डीआईओएस कार्यालय से संबंधित एनईएफटी की पुष्टि हुई है। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने जांच शुरू करते हुए डीआईओएस ने जवाब तलब किया। इसके बाद प्रथम दृष्टया आरोप स्पष्ट होने पर कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया। शुक्रवार को सीडीआे ने जांच रिपोर्ट डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को भेज दी है।