बीसलपुर। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने 11 गांवों को छुट्टा पशुओं से मुक्त कराने का दावा किया है। इस बात की जब कुछ गांवों में जाकर पड़ताल की गई तो सामने आया कि इन गांवों में गोवंशों के झुंड से तो राहत मिली है लेकिन इक्का-दुक्का अब भी बाकी है।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि इस तहसील के बिलसंडा ब्लॉक के घुघचईया, धनगवां, बिहारीपुरा हीरा, अकबराबाद, मनकापुर, न्यूरानपुर, आजमपुर बरखेड़ा, बड़ा गांव, मुडि़या, ताल्लुके पसगवां, नौआनगाला और दमोपुरा गांवों को छुट्टा पशुओं से मुक्त करा दिया गया है।
मंगलवार को जब अमर उजाला की टीम ने कुछ गांवों में जाकर इस दावे का सत्यापन किया तो काफी हद तक यह सही निकला। बिहारीपुर हीरा, मनकापुर, बड़ा गांव और धनगवां गांवों की किसी भी सड़क और गली में एक भी छुट्टा पशु घूमता हुआ नहीं मिला।
बड़ा गांव के लोगों ने बताया कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने उनके गांव से 41 छुट्टा पशु पकड़कर गोआश्रय स्थल भिजवाए हैं। इस समय केवल तीन छुट्टा पशु उनके गांव में है, जो अभी हाल ही में गांव के लोगों ने छोड़े हैं। धनगवां के लोगों ने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने उनके गांव से 28 छुट्टा पशु पकड़वाकर गोआश्रय स्थल में भिजवाए हैं। अब सिर्फ छह-सात छुट्टा पशु ही शेष हैं।
बिहारीपुर हीरा के लोगों ने बताया कि पशुपालन विभाग ने उनके गांव में होली से पहले 35 छुट्टा पशु पकड़वा कर बाहर भेजे हैं। इस समय पांच छुट्टा पशु शेष हैं। मनकापुर के ग्रामीणों ने बताया कि पशुपालन विभाग ने होली के बाद उनके गांव के 45 छ़ुट्टा पशु पकड़वाकर गोआश्रय स्थल में भेजे हैं। इस समय उनके गांव में छह छुट्टा पशु हैं, जिनकी निगरानी गांव वाले आसानी से कर लेते हैं।
ग्रामीणों ने एक स्वर में बताया कि अधिकतर छुट्टा पशु पकड़े जाने से गांव वालों को काफी राहत मिली है। इससे पहले गांव वाले 24 घंटे छुट्टा पशुओं की निगरानी में लगे रहते थे, दुर्घटनाएं भी होती थी। अब इसमें कमी आई है।
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उनके गांव में अब छुट्टा पशु नाममात्र को ही रह गए हैं। इनकी निगरानी बहुत आसानी से की जा रही है। बहुत जल्द इन छुट्टा पशुओं को भी पकड़वा दिया जाएगा।
- राजकुमार, गांव बिहारीपुर हीरा
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छुट्टा पशुओं के पकड़े जाने से फसलों को होने वाले नुकसान से राहत मिल गई है।
-मनोज राठौर गांव मनकापुर
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पहले गांव वालों को छुट्टा पशुओंं की रखवाली करने की चिंता लगी रहती थी, जो अब खत्म हो गई है।
- बबलू मिश्रा, गांव धनगवां
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पशुपालन विभाग ने सभी छुट्टा पशुओं को पकड़वाकर गोआश्रय स्थल भेजकर बहुत नेक कार्य किया है। इसके लिए वह बधाई का पात्र है। - सचिन गंगवार, प्रधान बड़ा गांव
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बिलसंडा ब्लॉक के 11 गांवों को पूरी तरह से छुट्टा पशुओं से मुक्त करा दिया गया है। इन गांवों में यदि इक्का-दुक्का छुट्टा पशु आ गए हैं, तो उन्हें भी बहुत जल्द पकड़वाकर गोआश्रय स्थल भिजवा दिया जाएगा।
- डॉ. जगदेव सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, बिलसंडा
प्रमोद गंगवार ।
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