धीमी गन्ना तौल और
अवैध गन्ना कटौती के विरोध में किसानों ने हंगामा कर चीनी मिल जीएम का
घेराव किया। जीएम द्वारा समस्याओं का समाधान कराने के आश्वासन पर आक्रोशित
किसान शांत हो सके।
सहकारी चीनी मिल के बाहर असम हाइवे तक गन्ना से भरे
वाहनों की लंबी कतारें रविवार को दूसरे दिन भी लगी रहीं। भाकियू के वरिष्ठ
जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने धीमी गन्ना तौल के
विरोध में रविवार को चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक का घेराव किया व प्रदर्शन
कर मिल प्रबंधनखिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का कहना था कि गन्ना
तुलवाने में 20 से 25 घंटे से अधिक का समय लग रहा है। इसके अलावा कटौती के
नाम पर गन्ना अवैध रूप से काटा जा रहा है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
भाकियू नेता ने चीनी मिल के रुक-रुक कर चलने और बाईपास कर मिल को चलाने पर
रिकबरी डाउन होने पर रोष व्यक्त किया।
वहीं चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक
ने गन्ना से भरे वाहनों के जाम लगने पर इंडेंट बंद कराने और सेंटरों का
जाम समाप्त न होेने तक चालान न देने का आश्वासन दिया। अवैध कटौती न होने का
भी आश्वासन दिया। घेराव करने वालों में स्वराज सिंह, दिलबाग सिंह, कढेराम,
डालचंद, भूपराम, बलविंदर सिंह, नूर मोहम्मद आदि थे।
गन्ना रहने तक चलती रहेगी चीनी मिल
बीसलपुर।
किसान सहकारी चीनी मिल ने चालू पेराई सत्र में अब तक 25 लाख क्विंटल गन्ने
की पेराई कर ली है। मिल के जीएम सुरेश चंद्रा ने बताया कि मिल ने चालू
पेराई सत्र में अब तक 1.83 लाख बोरी चीनी का उत्पादन कर लिया है। मिल की
दैनिक रिकवरी 8.1 प्रतिशत और औसत रिकवरी 7.91 प्रतिशत है। जीएम ने स्पष्ट
किया है कि क्षेत्र में जब तक गन्ना रहेगा, तब तक मिल चलती रहेगी। उन्होंने
किसानों को सुझाव दिया है कि वे लोग मिल को जड़, अगौला और मिट्टी रहित
गन्ना उपलब्ध कराएं।