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एसएसबी डीजी ने माना बार्डर से हो रही मानव तस्करी

Wed, 02 Sep 2015 11:21 PM IST
पीलीभीत।
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दिल्ली से आए शस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जनरल डायरेक्टर (डीजी) बीडी शर्मा ने माना की सीमा से मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी हो रही है। इस पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा चुका है, लेकिन पूरी तरह से अंकुश लगा पाना नामुकिन है।
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डीजी बीडी शर्मा दोपहर में हेलीकॉप्टर से 26 वीं बटालियन मुख्यालय ललौलीखेड़ा में उतरे। इस दौरान उन्होंने मुख्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद भारत-नेपाल सीमा का दौरा कर सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं पूछी। शाम साढ़े छह बजे डीआईजी दफ्तर पहुंचे और अधिकारियों की मीटिंग ली। उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिए। इसके बाद वह पत्रकारों से रूबरू हुए। पांच मिनट की वार्ता में उन्होंने कहा कि यह उनका निजी दौरा था। पीलीभीत जिले से तीन बटालियन भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा करती हैं। पब्लिक के बीच सामंजस बनाने के लिए एसएसबी कई प्रकार के कार्यक्रम सीमावर्ती गांवों में करती है और बार्डर डेवलपमेंट प्लान के तहत कार्य करवाती है। एक सवाल के जवाब में डीजी ने माना की नेपाल सीमा खुली है। हाल ही में नेपाल में आए भूंकप के बाद नेपाल से मानव तस्करी बढ़ गई है। मादक पदार्थों की तस्करी भी जोरों से हैं। एसएसएसबी अपने श्रोतों, राज्यों की पुलिस और भारत-नेपाल में संचालित कई एनजीओ के सहयोग से अंकुश लगा रही है। भूंकप के बाद एसएसबी अब तक रेस्कयू ऑपरेशन चलाकर नेपाल से लाए गए करीब 200 बच्चों को मुक्त करा चुकी है। 70 मानव तस्कर पकड़कर राज्यों की पुलिस को सौंपे हैं। नेपाल सीमा पर चार महीने के अंदर करीब सवा दो सौ किलोग्राम चरस सीज कर तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।
दो घंटे तक पत्रकारों को कराया इंतजार
डीजी बीडी शर्मा ने पीलीभीत शहर स्थित डीआईजी मुख्यालय पर शाम 4.30 बजे प्रेस वार्ता का समय रखा था। जब पांच बजे तक डीजी एसएसबी मुख्यालय ललौरीखेड़ा से डीआईजी दफ्तर के लिए रवाना नहीं हुए तो अधिकारियों ने वार्ता का समय बढ़ाकर 5.30 बजे कर दिया। करीब सवा छह बजे पहुंचे डीजी ने गारद की सलामी लेने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक शुरू कर दी। पत्रकारों के कड़ी नाराजगी जताने के बाद डीजी पत्रकारों से करीब सवा सात बजे सिर्फ पंच मिनट रूबरू हुए।
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नेपाल सीमा सुरक्षा पर अधिकारियों ने किया मंथन
माधोटांडा/ पीलीभीत। इंडो नेपाल सीमा पर सुरक्षा को लेकर कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने खुली सीमा होने और नेपाल में मधेशियों के आंदोलन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके अलावा सीमा पार से होने वाली तस्करी पर भी चर्चा की गई।
प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और नेपाल में चल रहे मधेशियों के आंदोलन के चलते शासन, प्रशासन सतर्क हैं। इंडो नेपाल सीमा पर सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों की समीक्षा के लिए बुधवार को कमश्निर और डीआईजी आरकेएस राठौर पीलीभीत पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम, एसपी के साथ टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस में पहुंचकर अधिकारियों की बैठक की। सीमा पर होने वाली गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नेपाल की सीमा खुली होने और सीमा पर रहने वालों में पारिवारिक रिश्ते होने के कारण काफी सतर्क रहने की जरूरत महसूस की गई। आशंका व्यक्त की गई आपस में शादी बारात एवं अन्य कार्यक्रमों में आने जाने के बहाने असामाजिक तत्व भी घुसपैठ कर सकते हैं। डीआईजी ने सीमा पर पशु, खाद, चरस, डोडा एवं अन्य पदार्थों की तस्करी की समीक्षा की और एसएसबी के सहयोग से इस पर अंकुश लगाने को कहा। बैठक में पुलिस और एसएसबी से क्षेत्र की गतिविधियों पर निगाह रखने और चुनाव के समय विशेष सतर्कता रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में कमश्निर, डीआईजी के अलावा डीएम मासूम अली सरवर, एसपी जेके शाही, डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसएसबी कमांडेंट जेपी राना, टाइगर रिजर्व के एसडीओ डीपी सिंह, महोफ रेंजर केपी सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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