शहर के मोहल्ला नईबस्ती निवासी पिता-पुत्र ने एक व्यक्ति को गोरखपुर रेलवे का वरिष्ठ मंडल प्रबंधक का पीए बताकर रेलवे विभाग के ग्रुप सी में नौकरी दिलाने के नाम पर मोहल्ला तुलाराम निवासी वकील हरीओम समेत तीन लोगों से 7.50 लाख रुपये हड़प लिए। शुक्रवार को वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिला और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मामले की रिपोर्ट सुनगढ़ी पुलिस को दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश मिश्रा के साथ वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिला। प्रतिनिधि मंडल में शामिल मोहल्ला गोपाल सिंह निवासी वकील हरीओम ने एसपी को तहरीर दी और बताया कि उनका मोहल्ला नईबस्ती निवासी योगेश आर्या उर्फ ऊषर बुद्ध आर्या के घर आना-जाना था। योगेश आर्या ने उन्हें बताया कि उसकी पकड़ रेलवे गोरखपुर के उच्चाधिकारियों से है। वह रेलवे विभाग के ग्रुप सी में नौकरी लगवा सकता है, लेकिन तीन लाख रुपये खर्च होंगे।
उन्होंने यह बात अपने बेरोजगार बहनोई मोहल्ला तुलाराम निवासी सत्यवान को बताई। बहनोई के साथ पड़ोस के सुनील जाटव भी नौकरी करने के लिए तैयार हो गए और योगेश आर्या से बात की। नवंबर 2012 में योगेश आर्या, उसके पिता यशपाल आर्या मिले और साथ आए एक व्यक्ति का परिचय गोरखपुर के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक के पीए विजय शुक्ला के रूप में कराया। कहा कि 15 दिन में पैसे का इंतजाम कर लो।
15 दिन बाद तीनों आरोपी उनके घर आए और वकील, उनके बहनोई और पड़ोसी सुनील जाटव से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये मिलाकर कुल 4.50 लाख रुये और शैक्षिक प्रमाण पत्र ले लिए। आरोपियों ने 10-10 सादे कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए और छह माह बाद गोरखपुर में मेडिकल कराने के लिए बुलाया। जहां पर भी तीनों से एक-एक लाख रुपये लिए। कुछ दिनों बाद सुनील का नियुक्ति पत्र आया, लेकिन उनका और उनके बहनोई का नियुक्ति पत्र नहीं आया।
सुनील का नियुक्ति पत्र फर्जी मिलने पर जब उन्होंने योगेश आर्या और उसके पिता से पैसे मांगे तो आरोपी पिता-पुत्र ने पैसे वापस करने से इंकार कर दिया और जान से मार देने की धमकी दी। एसपी जेके शाही ने बताया कि मामला गंभीर है। सुनगढ़ी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।