शहर में खकरा पुलिस चौकी पकड़े गए बिहार के मजदूर
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पीलीभीत। लॉकडाउन के बीच खानपान का संकट पैदा होने के बाद पैदल घर जाने के लिए निकले 10 मजदूरों को कोतवाली पुलिस ने पकड़ लिया। सभी ने अब तक मझोला कस्बे में ड्यूटी डैम के पास काम करने की बात बताई। एहतियातन पुलिस ने सभी की स्क्रीनिंग कराकर पुराना अस्पताल में क्वारंटीन करा दिया।
बिहार के चंपारण इलाके के 10 मजदूर लंबे समय से उत्तराखंड सीमा से सटे कस्बा मझोला में ड्यूनी डैम के पास मजदूरी करते थे। लॉकडाउन होने के बाद अब रहने और खानपान की समस्या आई तो सभी ने घर वापसी का मन बना लिया। बुधवार को सभी पैदल बिहार जाने के लिए निकल पड़े। रात करीब 10 बजे खकरा पुलिस चौकी के बाहर दरोगा मोहित कुमार पुलिस बल के साथ निगरानी कर रहे थे। उन्होंने मजदूरों को आता देखा तो रोककर पूछताछ की। इसके बाद अधिकारियों को सूचित किया। अफसरों से मिले दिशानिर्देश पर सभी को पुराना अस्पताल स्थित क्वारंटीन वार्ड में ले जाया गया। वहां स्क्रीनिंग के बाद सभी को 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया। उधर, दरोगा महेंद्रपाल सिंह जाटो वाला चौराहा पर थे। इस बीच नीमच (मध्य प्रदेश) के गांव मोड़ी का रहने वाला युवक टहलता मिला। पूछताछ में युवक ने बताया कि करीब पांच साल पहले वह माता-पिता की डांट से क्षुब्ध होकर घर से भाग गया था। फिर ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर जेल गया। अब न्यायालय के आदेश पर उसको अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया। इसके बाद वह एक ट्रक चालक संग बतौर हेल्पर गोरखपुर समेत कई जगहों पर गया। ट्रक चालक के पूरनुपर में क्वारंटीन हो गया है। वह काम की तलाश में भटक रहा है। उसने घर वापस जाने से भी इनकार कर दिया। चूंकि युवक जेल में रहा और फिर ट्रक से सफर किया। उसको तत्काल 14 दिन के लिए क्वारंटीन कराया।
कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि सभी 11 मजदूर क्वारंटीन किए गए हैं। मध्य प्रदेश पुलिस को भी युवक के क्वारंटीन किए जाने की सूचना दी गई है।