पीलीभीत। गोशालाओं में अव्यवस्थाओं को लेकर डीएम पुलकित खरे ने अफसरों से गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर गोशालाओं की व्यवस्था दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश जारी किए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि अगर उनके निरीक्षण में गोशाला की व्यवस्था में लापरवाही मिली तो संबंधित अफसर और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है।
गांधी सभागार में विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में डीएम ने सबसे पहले अधिकारियों से परिचय किया। अमर उजाला में पिछले कई दिनों से जनपद की विभिन्न गोशालाओं में फैली अव्यवस्थाओं की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होने का जिक्र करते हुए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके गर्ग से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह गोशालाओं की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित कराएं। कुछ दिन बाद वह खुद गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे। तब अगर गोशालाओं में गोवंशीय पशुओं के लिए पर्याप्त हरा चारा और उनके स्वास्थ्य संबंधी इंतजाम नहीं मिले तो संबंधित अफसर कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए इन व्यवस्थाओं को पहले ही बेहतर बना लिया जाए। डीएम ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गोशालाएं चमकती रहना चाहिए। उनके निर्माण की गुणवत्ता भी बेहतर हो। कहीं बजट का दुरुपयोग न किया जाए। डीएम ने अन्य योजनाओं में भी गुणवत्ता के आधार पर काम कराने पर जोर दिया और कहा कि ऐसा काम किया जाए कि जनपद किसी से पीछे न रहे। पोर्टल पर की जाने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। कोई भी शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में पहुंचने की स्थिति में संबंधित अफसर पर कड़ी कार्रवाई होगी। विभागाध्यक्ष अपने यहां संचालित योजनाओं का साप्ताहिक निरीक्षण कर अपनी आख्या उपलब्ध कराएंगे। बैठक में सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, डीडीओ योगेंद्र पाठक, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, डीसी मनरेगा मृणाल सिंह, डीआईओएस संतप्रकाश, बीएसए देवेंद्र स्वरूप आदि मौजूद रहे।
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा तो कड़ी कार्रवाई
कलक्ट्रेट, विकास भवन समेत अन्य प्रशासनिक विभागों के कई अफसर-कर्मचारी बिना बताए जनपद मुख्यालय छोड़कर चले जाते थे। उनसे फोन पर संपर्क साधना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता। मगर नवागत डीएम ने इसे लेकर सख्ती की है। उन्होंने कहा कि अगर बिना बताए कोई मुख्यालय के बाहर गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। किसी भी बाबू के पटल पर कोई भी पत्रावली तीन दिन से अधिक लंबित नहीं रखी जाएगी। इसे लेकर लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई होगी।