फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोशालाओं की हालत सुधारने को डीएम ने बनाया कंट्रोल रूम

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। गोशालाओं में गोवंशीय पशुओं के रहने खाने और इलाज को लेकर चल रही बदहाल व्यवस्था पर डीएम पुलकित खरे ने नाराजगी जताई। पशु पालन विभाग के अधिकारियों को तीन दिन के भीतर समस्त गोशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही तय कर दिया कि गोशालाओं की व्यवस्था सुधारने का काम जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर किया जाएगा।
विज्ञापन

गोशालाओं में अव्यवस्थाओं की हालत पर अमर उजाला द्वारा लगातार खबरें प्रकाशित किए जाने के बाद डीएम ने सोमवार शाम इस मुद्दे पर बैठक की। गांधी सभागार में हुई इस बैठक में डीएम ने कहा कि समस्त पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी अगले तीन दिनों में क्षेत्र में बनी समस्त गोशालाओं का निरीक्षण करें। बुनियादी सुविधाओं के बारे में फोटो सहित आख्या मुहैया कराएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि गोशालाओं में पशुओं की संख्या के आधार पर टिनशेड की व्यवस्था हो। पर्याप्त भूसा-चारे का इंतजाम किया जाए। गोवंशीय पशु ओं की ईयर टैगिंग शत-प्रतिशत हो। पशुओं की संख्या, बीमार पशुओं की संख्या, चारे की उपलब्धता समेत अन्य सभी विवरण रजिस्टर में दर्ज किए जाएं। समस्त पशु चिकित्साधिकारी हर दूसरे दिन गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे। पशुओं की सूचना संबंधित खंड विकास अधिकारी को दी जाएगी। गोशालाओं के संचालन के लिए खंड विकास अधिकारी, एडीओ, पशु चिकित्साधिकारी, प्रधान, सचिव, केयर टेकर, चौकी इंचार्ज की समिति का गठन करने के भी निर्देश दिए। इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जनपद स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से होगी। यह कंट्रोल रूम विकास भवन में अन्य कार्यों के लिए बने कंट्रोल रूम से ही जोड़ा जाएगा।
जंगल क्षेत्र से लगे ब्लॉक पूरनपुर, अमरिया और मरौरी को छोड़कर शेष सभी में ग्राम पंचायत स्तर पर एक सप्ताह में एसडीएम के माध्यम से चारागृह के लिए जमीन चिह्नित करते हुए मनरेगा के माध्यम से पांच-पांच गोशाला निर्माण कराने के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी को गोशालाओं में पराली प्रबंधन के अन्तर्गत पराली को गौशाला तक पहुंचाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

इससे पूर्व समस्त खंड विकास अधिकारियों और एडीओ पंचायत के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें कोरोना संक्रमण को देखते हुए निगरानी समितियों को सक्रिय करने पर जोर दिया। एडीओ पंचायत को शौचालय निर्माण में गुणवत्ता रखने के निर्देश दिए। प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार तक बीडीओ एक गांव और एडीओ दो गांवों का निरीक्षण कर फोटो सहित आख्या डीडीओ को देंगे। एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्रा, सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, डीडीओ योगेंद्र पाठक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें