पीलीभीत। जहानाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष और इंस्पेक्टर मनीराम सिंह के बीच विवाद की वजह बने गोकशी का धंधे को लेकर क्षेत्र में तमाम चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस से सांठगांठ करके तस्कर काले पशुओं के कटान के नाम पर गो तस्करी का धंधा कर रहे थे। गायों को इधर से उधर सप्लाई करने वाला एक तस्कर पिछले दिनों अक्सर थाने में बैठा देखा गया था।
गोवंशीय पशुओं की तस्करी इस इलाके के लिए कोई नई बात नहीं है। जहानाबाद, अमरिया, बिलसंडा, पूरनपुर, बरखेड़ा और न्यूरिया गोवंशीय पशुओं की तस्करी के गढ़ हैं। सूत्रों के अनुसार इस इलाके में पशु तस्कर काले पशुओं को लाने ले जाने की आड़ में गोवंशीय पशुओं की तस्करी करते हैं। योगी सरकार आने के कुछ समय तक सख्ती की वजह से यह धंधा बंद रहा, मगर जब तस्करों ने हालात पूूरी तरह समझ लिए तो फिर से यह धंधा शुरू हो गया।
एक सूत्र के अनुसार गोतस्करी के धंधे से थानों को भी मोटी आमदनी होती है। इंस्पेक्टर मनीराम सिंह पर निलंबन से पहले नगर पंचायत चेयरमैन पति ने भी गोतस्करी का ठेका देने जैसे आरोप लगाए थे। हालांकि चेयरमैन पति पर ऐसे ही कई आरोप इंस्पेक्टर ने लगाए। इस क्षेत्र में इस बात की चर्चा तेजी पकड़ने लगी है कि गोकशी का यह खेल तस्कर काले पशुओं के कटान की आड़ में खेलते थे। इस धंधे से जुड़े एक व्यक्ति को कई बार थाने में भी पुलिस कर्मियों के बैठा देखा गया। इसी व्यक्ति ने धंधे को लेकर आसपास के कुछ गांव में यह धंधा करने वालों से बातचीत कर पुलिस से सांठगांठ कराई। यही व्यक्ति गांवों से तस्करों को थाने लाकर उनकी बातचीत कराता था। अभी इस मामले में कोई अधिकारिक जांच नहीं हुई है, इसलिए चर्चा की सत्यता पर सवाल बरकरार है। अगर यह मामला सही निकलता है तो निलंबित हो चुके इंस्पेक्टर मनीराम की मुश्किलें बढ़ना तय हैं।