पूरनपुर। धर्मस्थल की गोशाला से तस्कर तीन गोवंशीय पशु चोरी कर ले गए। सिमरिया-पंजाबा मार्ग पर ले जाकर उनकी हत्या कर दी और तस्करी के लिए उन पशुओं का मांस अपने साथ ले गए। तलाश के दौरान गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिले तो गोकशी का खुलासा हुआ। इस पर तमाम संत जमा हो गए और गोहत्या पर नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर सीओ पुलिस बल के साथ पहुंचे। तस्करों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर सीओ ने संतों को शांत कराया। महंत की तहरीर मिलने के बाद अज्ञात तस्करों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
असम हाईवे पर चीनी मिल के पास ब्रह्मदेव बाबा स्थल है। यहीं परिसर में गोशाला बनी है, इसमें पिछले काफी समय से आठ गोवंशीय पशु थे। महंत सिरयाराम स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि शनिवार रात को उनके पास गांव पिपरिया दुलई निवासी पंकज मिश्रा आए। रात साढ़े 12 बजे तक वह उनसे बातचीत करते रहे। उस वक्त तक गोशाला में सभी आठ पशु मौजूद थे। इसके बाद वह अपनी कोठरी में सोने चले गए। रात दो बजे जब उनकी आंख खुली, तो गोशाला में तीन गोवंशीय पशु कम थे। गोवंश चोरी होने का शोर मचाया तो पिपरिया दुलई गांव के काफी लोग वहां आ गए और चोरी गए पशुओं को तलाशना शुरू कर दिया।
रविवार सुबह पांच बजे सिमरिया-पजाबा मार्ग पर तीनों पशुओं के अवशेष मिल गए। कान के हिस्से में लगा टैक चेक किया तो अवशेष गोशाला से चोरी गोवंश का ही निकला। घटना को लेकर गांव वालों की नाराजगी और बढ़ गई। आसपास के धर्मस्थलों के महंत और संत इकट्ठा हो गए। गोकशी की घटना पर रोष व्यक्त करते हुए पूरे मामले का खुलासे की मांग की। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में सीओ योगेंद्र कुमार, कोतवाल एसके सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। मौका मुआयना कर सीओ ने पूरे मामले की जानकारी जुटाई और संतों से बातचीत कर तस्करों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब जाकर मामला शांत हुआ। अवशेष भी परीक्षण के बाद दफनाए गए। संतों का कहना है कि घटना का 24 घंटे में खुलासा नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
पुलिस नहीं रोक पा रही गोकशी
शासन की सख्ती के बाद भी जनपद में गोकशी की घटनाएं थम नहीं रही हैं। आए दिन गोकशी के मामले सामने आ रहे हैं। गोशाला से गोवंश की चोरी करने के बाद हत्या करने का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई पुराने ढर्रे पर शुरू हो गई है। किसी तरह घटना का खुलासा कर मामला शांत करा दिया जाए। पुलिस का इसी पर जोर अधिक है। पूर्व की घटनाओं की भांति शोर-शराबा मचने पर पुलिस स्थानीय स्तर पर सुराग जुटाने के बजाय थानों के रिकॉर्ड खंगालने में लग गई है। पुराने तस्करों पर निगाह रखकर खुलासे की तैयारी की गई है।
महंत से मिली तहरीर पर चोरी और गोहत्या निवारण अधिनियम के तहत अज्ञात तस्करों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस को सुरागरसी में लगाया गया है। घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा। - योगेंद्र कुमार, सीओ