बिलसंडा। शाहजहांपुर सीमा से सटे हर्रई गांव में तस्करों ने गोवंशीय पशु की हत्या करने के बाद अवशेष खेत में दफन कर दिए। दूसरे दिन खेत पर काम करने पहुंचे ग्रामीणों ने शक होने पर खुदाई कराई तो घटना का पता लगा। गोकशी का शोर मचते ही हिंदू युवा वाहिनी कार्यकर्ताओं भी आ गए और नाराजगी जताई। पुलिस ने सभी को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत कराया। अब पुलिस गोमांस तस्करों का पता लगाने के लिए सुरागरसी में जुट गई है।
थाना क्षेत्र का हर्रई गांव जनपद शाहजहांपुर की सीमा से सटा है। मंगलवार रात गोमांस तस्करों ने गांव में दसतक दी। आवारा गोवंशीय पशु को गांव के ही आशिक के खेत में ले गए। वहां पर उसकी हत्या करने के बाद बिक्री को मांस निकाल लिया और अवशेष खेत में ही दफन कर दिए। बुधवार दोपहर ग्रामीण खेतों पर काम करने पहुंचे। इस बीच उन्हें आशिक के खेत में मिट्टी देख शक हुआ। इसके बाद खुदाई की गई तो खेत से गोवंशीय पशु के अवशेष निकले। इसके बाद गांव में गोकशी का शोर मच गया। आसपास जाकर देखा तो कुछ पुराने अवशेष और बोरी-कपड़ा भी पड़ा मिल गया। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भी आ गए। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस से ग्रामीणों और हिंयुवा कार्यकर्ताओं ने सख्त कार्रवाई की मांग की। लगातार घटनाएं सामने आने पर नाराजगी भी व्यक्त की। पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाकर अवशेष का परीक्षण कराया। इसमें गोवंशीय पशु के होने की पुष्टि हुई। फिर अवशेष दफन करा दिए गए। इंस्पेक्टर नरेश कश्यप ने बताया कि गोमांस तस्करों के बारे में पता लगाया जा रहा है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।