नगर में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव के समापन पर विसर्जन शोभायात्रा निकली गई। शोभायात्रा में गणपति बप्पा मोरया आदि के उद्घोष और एक दूसरे को गुलाल लगाते हुए श्रद्धालु चल रहे थे। शारदा नदी तट पर प्रतिमा विसर्जन के बाद भंडारा हुआ। इसमें तमाम लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
महाराष्ट्र मित्र मंडल और सराफा संघ की ओर से 11वां श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव पांच सितंबर को शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ था। पुरानी सब्जी मंडी परिसर में पांचों दिन धार्मिक कार्यक्रम हुए। शुक्रवार के पूजन, आरती के बाद विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों के साथ निकाली गई शोभायात्रा में भगवान गणेश, मां लक्ष्मी, भगवान शंकर, साईं महाराज आदि की झांकियां थीं। इनके पीछे एक वाहन पर गणेश जी की प्रतिमा थी। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के नारे लगाते और गुलाल उड़ाते चल रहे थे। विसर्जन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों और शेरपुर रोड होते हुए शारदा नदी के धनाराघाट पहुंची, जहां प्रतिमा को विसर्जित कर दिया गया। विसर्जन शोभायात्रा में संजय गुप्ता, आशीष रस्तोगी, पुनीत पांडेय, रामचंद्र मराठा, सतीश मराठा, गणेश मराठा, अनमोल मराठा, दिनेश वर्मा, रामबाबू वर्मा, नितिन वर्मा, नरेश वर्मा, श्याम वर्मा आदि श्रद्धालु थे। प्रतिमा विसर्जन के बाद भंडारा में तमाम लोगों ने प्रसाद किया।