प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि कुछ लोग देवहा पुल के पास खड़े हैं, जो चोरी की बाइक बेचने की फिराक में हैं। जिस पर एसएसआई अमित कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच प्रभारी रेहान खां, सत्येंद्र सिंह यादव के साथ मौके पर पहुंचे और बाइक के साथ खड़े थाना व कसबा मीरगंज (बरेली) निवासी शाहिद को दबोच लिया। पुलिस ने जब उससे बाइक के कागज मांगे तो उसने फर्जी कागजात दे दिए। इसी बीच पुलिस की नजर बाइक पर लगी नंबर प्लेट पर पड़ी। प्लेट पर यूके 18 एवी/5039 नंबर देख पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने जब शाहिद से पूछा कि उत्तराखंड में 18 जिले ही नहीं है, तो यह नंबर कहां से आ गया। इस पर आरोपी सकपका गया। जिस पर पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूछताछ में उसने चार अन्य चोरी की बाइके बेचने लाने की बात आरोपी ने कबूल की। पुलिस जब उसकी निशानदेही पर झाड़ियों में खड़ीं बाइकों को बरामद करने गई तो वहां मौजूद आरोपी का सगा भाई पुलिस को देख भाग निकला। पुलिस ने पांचों बाइकों को कब्जे में लिया है। तलाशी के दौरान शाहिद के पास से एंटी क्राइम ब्यूरो का फर्जी पहचान पत्र व बाइकों के कागजात बरामद हुए। बरामद बाइकें दिल्ली, रुद्रपुर, सितारगंज से चोरी की गईं हैं।
पुलिस-पब्लिक पर गांठते थे रौब
वाहन चोरी करने के मामले में पकड़ा गया शाहिद व उसका भाई शाबिर एंटी क्राइम ब्रांच का बताकर पुलिस को झांसे में ले लेते थे और उनके साथ दोस्ती कर वाहनों की चोरी का कारोबार करते थे। कक्षा 10 वीं फेल शाहिद शातिर दिमाग का है। पुलिस के मुताबिक उसके फरार भाई के पास एंटी क्राइम ब्रांच मीरगंज के अध्यक्ष का फर्जी पहचान पत्र है।
32 बाइकों की अब तक कर चुके बिक्री
एंटी क्राइम ब्यूरो के पहचान पत्र के सहारे आसानी से दिल्ली, लखनऊ, बरेली, बदायूं आदि से चोरी कर बाइकें ले आते हैं और दूसरे जिलों में बेच देते हैं। उनके गिरोह में आधा दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस के सामने बताया कि वह लोग चोरी की अब तक करीब 30 बाइकें 10 से 15 हजार रूपये में बाहरी जिलों में बेच चुके हैं। एसपी ने बाइकों को बरामद करने के लिए दो टीमें गठित की हैं। गठित टीमें बाइकों को बरामद करने के लिए बाहरी जिलों को भेज दी गईं।
आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
चोरी की पांच बाइकों के साथ पकड़े गए आरोपी शाहिद का पुलिस आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। एसएसआई अमित कुमार सिंह ने बताया कि अन्य जिलों से भी शाहिद की आपराधिक जानकारी मांगी गई है।
यह बाइकें हुई बरामद
दो पल्सर, एक अपाचे, एक प्लेटिना, एक सिटी डीलक्स