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गणेश चतुर्थी पर घरों में सजे गजानन...कोरोना के चलते नहीं लगा मेला

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पीलीभीत। गणेश चतुर्थी का त्योहार शुरू हो गया। मराठा परिवारों में इस त्योहार पर खासा उत्साह है। घरों में गजानन की मूर्तियां सजाई जाने लगी हैं। हालांकि इस बार कोरोना की वजह से हर बार की तरह रामलीला मैदान पर मेला नहीं लगेगा। घरों में पहले दिन सुबह भगवान गणेश की पूजा अर्चना हुई और फिर शाम को आरती की गई।
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शहर के मोहल्ला गोपाल सिंह में युवा जागृति परिषद की ओर से आयोजित भगवान गणेश मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में चंद लोग ही जुटे। श्री गणेश मूर्ति स्थापना पुरोहित रामवीर मिश्रा ने विधि विधान से कराई। रामलीला मैदान में बीते 35 साल से मेले का आयोजन पूरी भव्यता के साथ होता आ रहा है। मगर, इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से मेला लगना संभव नहीं हो पाया। अधिकांश परिवारों ने घरों में ही भगवान गणेश की पूजा अर्चना की। शाम को गणेश जी की आरती की गई। पूजन में मेला कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप तिवारी, अमित पाठक, राकेश मौर्या, अश्वनी सक्सेना, जगदीश, विकास, विक्रम, राकेश, पंकज, गौरव, कल्याण, राजेश, हीरालाल, सुनील आदि मौजूद रहे। दूसरी ओर राजाबाग कॉलोनी में कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सामाजिक दूरी बनाकर भगवान गणेश की पूजा अर्चना हुई। यहां 11 वर्षो से गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। पुरोहित नवीन शास्त्री ने गणेश प्रतिमा की पूजा कराई। भक्तों ने हवन पूजन किया। कार्यक्रम संचालक वीरेंद्र पाल सिंह ने बताया राजाबाग कॉलोनी में प्रतिदिन सुबह शाम श्री गणेश की पूजा अर्चना और आरती होगी। हवन पूजन में ठाकुर रामवीर सिंह, अवधेश सिंह, सीमा, शीला, मयंक जाशी, अनुराग, सोनू, अंकित आदि मौजूद रहे।
रामलीला मैदान में नही लगेगा श्री गणेश चतुर्थी मेला, बच्चे मायूस
पीलीभीत। शहर में 35 साल से रामलीला मैदान में श्री गणेश चौथ मेला लगता आ रहा है। यह मेला एक माह तक चलता था। इसमें पूरे शहर के अलावा आसपास के गांवों के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सब मेला देखने पहुंचते थे। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते गणेश चतुर्थी मेला नहीं लगने से बच्चे मायूस हैं।
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आयोजकों का कहना है कि हर साल रामलीला मैदान में लगने वाला गणेश चतुर्थी मेला इस साल कोरोना संक्रमण के कारण नहीं लगेगा। पिछले साल मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता था। इसमें सुदूर से आए बच्चे प्रतिभाग करने के लिए उत्साहित रहते थे। गणेश चतुर्थी मेले के दिन नजदीक जाते ही बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ जाती थी। इस बार मेला नही लगनें से बच्चे मायूस हैं। प्रशासन ने भी कोरोना संक्रमण के चलते गणेश चतुर्थी मेला लगाने की अनुमति नहीं दी।
मोहल्ला नई बस्ती निवासी कविश ने बताया कि वह हर साल मम्मी पापा के साथ मेला देखने जाता था। वहां तरह-तरह के झूलों का आनंद लेता था। इस बार मेला नहीं लगने से उदास है।
गैस चौराहे के पास रहने वाली बालिका प्राची का कहना है कि वह अपने पूरे परिवार के साथ 12 साल से गणेश चतुर्थी मेले में घूमने जाती रही है। वहां होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिभाग भी करती थी।
मोहल्ला जोशी टोला निवासी विनय वर्मा सात साल से पूरे परिवार के साथ मेले में जाते रहे हैं। दो बार डांस प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। इस बार मेला नहीं लगने से निराश हैं। बोले- कोरोना के चलते कुछ नहीं कर सकते।
मोहल्ला शेर मोम्मद की रहने वाली मानसी भी पिछले साल पापा मम्मी के साथ मेला घूमने गई थी। उसका कहना है कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते वह गणेश चतुर्थी मेले का आनंद नहीं उठा सकेगी।
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