नकदी देने के तीन से चार दिन में पेट्रोल व डीजल का टैंकर आ रहा
पीलीभीत। पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे युद्ध का असर ईंधन पर ज्यादा हुआ है। इस वजह से पेट्रोल-डीजल का संकट गहरा रहा है। दस दिन में तीन बार रेट बढ़ने से पंप संचालक भी चिंतित हैं। उन्हें अब तेल कंपनियों ने क्रेडिट पर पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया है। नकदी पर ही तेल की सप्लाई मिल रही है।
पंप संचालकों ने बताया कि करीब एक माह से नकदी देने पर ईंधन की सप्लाई मिल रही है। इसमें भी ऐसा नहीं कि आज नकदी दिया तो कल टैंकर आए। नकदी देने के तीन से चार दिन में टैंकर पहुंच रहा है। यही वजह है कि कई पंप ड्राई हो रहे हैं। पंप का हिसाब-किताब सब ऑनलाइन है। जिले के कुछ पंप पिछले सात दिन में कई बार इसी वजह से ड्राई हो चुके हैं।
ईंधन बेचने में लगाया
एक पंप संचालक ने यहां तक बताया है कि तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर पूरी नजर रखे हैं। पहले तेल कंपनियों का नियम था कि तेल भरने वाली मशीन से सौ लीटर पेट्रोल और 400 लीटर डीजल एक बार में नहीं निकाल सकते थे, लेकिन अब कंपनियों ने इसमें भी कटौती कर दी है। अब नियम लागू कर दिया है कि एक बार में दो सौ लीटर डीजल व 50 लीटर पेट्रोल भी नहीं बेच सकेंगे। उससे कम ही ईंधन ले सकेंगे। पंप संचालक ने बताया कि जिले के पेट्रोल पंपों पर आंवला डिपो से सप्लाई होती है। आजकल बदायूं-बरेली हाईवे के निर्माण की वजह से भी टैंकर फंसे रहते हैं। इससे भी टैंकरों के आने में समय लगता है। संवाद