पीलीभीत। 22 जनवरी को अयोध्या में होने जा रही श्री रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर रविवार से जिले के मंदिरों में भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम शुरू होगी। इसके लिए प्रशासन ने 16 मंदिरों का चयन किया है। यहां पर 22 जनवरी तक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं।
मुख्य सचिव संस्कृति अनुभाग ने श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर संपूर्ण प्रदेश में 14 से 22 जनवरी तक श्रीराम मंदिरों, हनुमान मंदिरों, वाल्मीकि मंदिरों में रामकथा, रामायण पाठ, भजन-कीर्तन आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए जाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला प्रशासन ने जनपद के नगर एवं ग्रामीण क्षे़त्रों में मंदिरों का चयन करते हुए कार्यक्रमों का आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं। शहर में माता यशवंतरी देवी मंदिर, गौरी शंकर मंदिर व ब्रहृमचारी घाट मंदिर को चयनित किया गया। यहां का नोडल अधिकारी तहसीलदार सदर को बनाया गया है।
विकासखंड ललौरीखेड़ा के श्रीराम मंदिर (सिद्धबाबा), अमृत सरोवर ग्राम पंचायत अलियापुर का नोडल अधिकारी खंड विकास अधिकारी ललौरीखेड़ा को बनाया गया है। अमरिया के शिव मंदिर, ग्राम पंचायत कल्यानपुर चक्रतीर्थ का नोडल अधिकारी खंड विकास अधिकारी अमरिया एवं बरखेड़ा के रामजानकी मंदिर, ग्राम पंचायत भोपतपुर का नोडल खंड विकास अधिकारी बरखेड़ा को बनाया गया है।
बीसलपुर के शिवशक्ति धाम मंदिर, ग्राम पंचायत हाफिजनगर बन्नाही, बाउली मंदिर, ग्राम बिरिया ग्राम पंचायत बैरी बीसलपुर और बाबा गुलेश्वर नाथ शिव मंदिर का नोडल खंड विकास अधिकारी बीसलपुर को बनाया गया है।
बिलसंडा के देवी मंदिर इलाबास देवल, नीलकंठ मंदिर लिलहर व प्रसिद्ध देवी स्थान मोहल्ला देव स्थान के लिए नोडल खंड विकास अधिकारी बिलसंडा को बनाया गया है। पूरनपुर के मां पवित्र गोमती उद्गम स्थल एवं बाबा दुर्गादास मठ, ग्राम फुलहर तथा बाबा एकोत्तर नाथ मंदिर का नोडल वहां के खंड विकास अधिकारी होंगे।
मुख्य विकास अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में शासन के दिशा निर्देशों के तहत कार्यक्रमों का आयोजन कराएंगे।