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हौसले से फूटे नूरअहमद के खेत में अंकुर

Wed, 06 May 2015 11:51 PM IST
पीलीभीत।
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कहते हैं हौसले हैं तो रास्ते हैं, रास्ते हैं तो मंजिल। कुछ ऐसा ही हौसला ओलावृष्टि और बारिश से फसल के बर्बाद होने के बाद ग्राम डगा के किसान नूरअहमद ने दिखाया है। उन्होंने अब गेहूं के नुकसान की भरपाई के लिए खेत में पॉलेज की फसल लगाई है। उन्हें उम्मीद है कि कड़ी मेहनत से वह अच्छी पैदावार लेकर अपनी स्थिति को मजबूत करने में कामयामी हासिल करेंगे।
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माधोटांडा क्षेत्र के ग्राम डगा निवासी नूरअहमद का जंगल से सटे हल्दीडेंगा क्षेत्र में डेढ़ एकड़ खेत है। इस खेत में उन्होंने इस बार गेहूं की फसल बोई थी। अच्छी फसल देख उन्होंने भविष्य के सपने बुने थे लेकिन पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश से क्षेत्र के अन्य किसानों की तरह उनकी फसल भी बर्बाद हो गई।

मेहनत बर्बाद होने पर नूरअहमद को काफी धक्का लगा और एक बार तो खेती से मुंह मोड़ने का मन भी बना लेकिन फिर उन्होंने अपने हौसले को बुलंद किया। मेहनत और अनुभव के बल पर खेती के सहारे ही मुकाम बनाने की ठान ली। फसल बर्बादी पर आंसू बहाने की जगह उन्होंने इसे खुदा की मर्जी मनाकर फिर खेत की ओर रुख किया।
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खेत की जुताई कर उसमें पॉलेज (लौकी, खीरा, करेला व अन्य सब्जी) की बुवाई की। करीब एक माह की मेहनत रंग लाने लगी है और बीज के साथ उनके भाग्य का अंकुर भी फूटने लगा हैं। उन्हें उम्मीद है कि सब्जी की अच्छी फसल से वह एक हद तक गेहूं में हुए नुकसान की भरपाई भी कर लेंगे। नूर अहमद ने बताया कि खेती का काम काफी कच्चा है। हमारा काम मेहनत करना है। मिलेगा वही जो खुदा चाहेगा।
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