बुधवार को दोपहर 11 बजे से शुरू हुई वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अधिकांश जिले के किसानों ने फसल बर्बादी का मुआवजा न मिलने की शिकायत की साथ ही कृषि को और बेहतर बनाने के लिए जैविक खेती व आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी दिए जाने की मांग की। कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मौजूद कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह साल किसानों को समर्पित करते हुए इसे किसान वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा किसानों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुलाकात आगे भी जारी रहेगी। वीडियो कांफ्रेंस में डीएम ओएन सिंह, उपनिदेशक कृषि एके सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा, पीपीओ रामवीर सिंह, किसान अरूणा शंकर शुक्ला, मोहन सिंह, चौधरी महेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, शराफत, सपन कुमार छत्रपाल, रंजीत कुमार, तपन, मोहम्मद जावेद, नन्हें, मुन्नवर खां, शिवशंकर, सुरेंद्र, शिवदास, कृष्ण कुमार, हरिओम मौजूद रहे।