पीलीभीत। फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों और वीजा से विदेेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले आइलेट सेंटर संचालक जालसाजों का काला-चिट्ठा खुलने लगा है। सात आरोपियों को जेल जाने के बाद 20 से अधिक पीड़ित सोमवार को विदेश भेजने के नाम पर ठगी और धमकाए जाने की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। इनमें शाहजहांपुर जिले के पीड़ित भी शामिल हैं। पुलिस जांच के बाद इनकी शिकायतें दर्ज करेगी।
एएसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों के अनुसार फर्जी वीजा के खेल ने उनकी जिंदगी मुश्किलों से भर दी है। खेत, प्लॉट बेचकर या गिरवी रखकर जुटाई गई कमाई तो चली ही गई, विदेश में पकड़े जाने पर जलालत भी झेली। रुपये मांगने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी मिली। तमंचा दिखाकर धमकाया गया। इस खेल में लगे आइलेट सेंटर संचालक और गिरोह के अन्य लोग पीड़ितों को ठग कर मालामाल हो गए। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आइलेट संचालकों और जालसाजों ने विदेश भेजने के नाम पर किस तरह से उन्हें ठगा।
कुछ पीड़ित शिकायत के लिए पूरनपुर कोतवाली भी पहुंचे। पूरनपुर में बीते दिनों मुठभेेड़ में तीन खालिस्तानी आतंकियों के मारे जाने के बाद से विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले आइलेट संचालक सवालों में घिरे हैं। अमर उजाला ने पूरनपुर में चल रहे फर्जी वीजा के खेल से जुड़ीं खबरें भी प्रकाशित की थीं। इसी के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई।
हाल ही में अमेरिका से गलत ढंग से वहां पहुंचे लोगों को लौटाए जाने के बाद मामला और तूल पकड़ा तो पुलिस की जांच और सत्यापन में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, एफडी व अन्य दस्तावेजों से फर्जी वीजा का खेल सामने आया। इसी कड़ी में पुलिस ने सात आरोपियों को जेल भेजा है और कई की तलाश है।
जालसाजों ने शाहजहांपुर के पीड़ितों को भी ठगा
सोमवार को पुलिस के पास पहुंचे पीड़ितों में शाहजहांपुर जिले के करीब आठ से 10 लोग शामिल थे। सभी ने पूरनपुर क्षेत्र के आइलेट संचालकों और अन्य की ओर से ठगी करने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस सभी शिकायतों की जांच करा रही है। कुछ शिकायतों की जांच पूरी भी हो गई। एक साथ पांच से अधिक मुकदमे दर्ज करने की तैयारी भी चल रही है।
वर्जन
सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को 20 से अधिक पीड़ित शिकायत लेकर आए हैं। इन शिकायतों को जांच के लिए भेजा गया है। इसी के बाद कार्रवाई होगी। - विक्रम दहिया, एएसपी
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65 लाख रुपये लेकर डंकी रूट से भेजा, यातनाएं दीं, निर्वासन भी झेला
क्राॅसर:
जालसाजों ने युवक के रोते हुए वीडियो दिखाकर परिजनों से लिए रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत/पूरनपुर। आइलेट सेंटर संचालकों और फर्जी वीजा के खेल से जुड़े जालसाजों ने डंकी रूट से अमेरिका भेजने के नाम पर लोगों को जमकर लूटा है। अमेरिका से जिले के पांच लोगों को लौटाए जाने के बाद पूर्व में धोखा खाए लोगों के परिजन भी अपना दर्द लेकर अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। इन्हीं में एक मुझा निवासी हरप्रीत सिंह ने डंकी रूट से अमेरिका जाने में तमाम यातनाएं झेलीं। परिजनों ने 65 लाख रुपये गवां दिए थे।
गांव मुझा निवासी किसान नेता बलजिंदर सिंह ने बताया कि पूरनपुर में संचालित राइट ओवरसीज इमिग्रेशन सेंटर संचालक ने भतीजे हरप्रीत सिंह को वर्क वीजा पर अमेरिका भेजने की बात कही थी। 35 लाख रुपये लिए। आरोप है कि इसके बाद भतीजे को गलत तरीके से डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया। बीहड़ रास्तों, जंगलों में उसे कई दिन पैदल चलाया गया।
रास्ते में रुपये ऐंठने के लिए यातनाएं दी गईं। उसके रोते हुए वीडियो परिजनों को भेजे। इसके बाद 30 लाख रुपये और ले लिए। बलजिंदर की तहरीर पर पुलिस ने बीते दिनों गांव भैरों खुर्द निवासी परमवीर सिंह, गांव जरा कोठी-गजरौला निवासी हरप्रीत सिंह औजला व अनिमेश सिंह पर मुकदमा दर्ज किया है।
दुकान बेची, एफडी तुड़वाई और गिरवी रखे जेवर
बलजिंदर सिंह ने बताया कि भतीजे को अमेरिका भेजने के लिए उनके भाई और उन्होंने अपनी दुकानें बेचीं। कई बैंकों की एफडी तुड़वाकर रुपये सेंटर संचालक को दिए। भतीजे के विदेश में फंसने पर आरोपियों ने रोने का वीडियो दिखाया तो एक परिचित के पास जेवर गिरवी रखकर रुपयों का इंतजाम किया।
फोटो:
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों और वीजा से विदेेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले आइलेट सेंटर संचालक जालसाजों का काला-चिट्ठा खुलने लगा है। सात आरोपियों को जेल जाने के बाद 20 से अधिक पीड़ित सोमवार को विदेश भेजने के नाम पर ठगी और धमकाए जाने की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। इनमें शाहजहांपुर जिले के पीड़ित भी शामिल हैं। पुलिस जांच के बाद इनकी शिकायतें दर्ज करेगी।
एएसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों के अनुसार फर्जी वीजा के खेल ने उनकी जिंदगी मुश्किलों से भर दी है। खेत, प्लॉट बेचकर या गिरवी रखकर जुटाई गई कमाई तो चली ही गई, विदेश में पकड़े जाने पर जलालत भी झेली। रुपये मांगने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी मिली। तमंचा दिखाकर धमकाया गया। इस खेल में लगे आइलेट सेंटर संचालक और गिरोह के अन्य लोग पीड़ितों को ठग कर मालामाल हो गए। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आइलेट संचालकों और जालसाजों ने विदेश भेजने के नाम पर किस तरह से उन्हें ठगा।
कुछ पीड़ित शिकायत के लिए पूरनपुर कोतवाली भी पहुंचे। पूरनपुर में बीते दिनों मुठभेेड़ में तीन खालिस्तानी आतंकियों के मारे जाने के बाद से विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले आइलेट संचालक सवालों में घिरे हैं। अमर उजाला ने पूरनपुर में चल रहे फर्जी वीजा के खेल से जुड़ीं खबरें भी प्रकाशित की थीं। इसी के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई।
हाल ही में अमेरिका से गलत ढंग से वहां पहुंचे लोगों को लौटाए जाने के बाद मामला और तूल पकड़ा तो पुलिस की जांच और सत्यापन में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, एफडी व अन्य दस्तावेजों से फर्जी वीजा का खेल सामने आया। इसी कड़ी में पुलिस ने सात आरोपियों को जेल भेजा है और कई की तलाश है।
जालसाजों ने शाहजहांपुर के पीड़ितों को भी ठगा
सोमवार को पुलिस के पास पहुंचे पीड़ितों में शाहजहांपुर जिले के करीब आठ से 10 लोग शामिल थे। सभी ने पूरनपुर क्षेत्र के आइलेट संचालकों और अन्य की ओर से ठगी करने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस सभी शिकायतों की जांच करा रही है। कुछ शिकायतों की जांच पूरी भी हो गई। एक साथ पांच से अधिक मुकदमे दर्ज करने की तैयारी भी चल रही है।
वर्जन
सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को 20 से अधिक पीड़ित शिकायत लेकर आए हैं। इन शिकायतों को जांच के लिए भेजा गया है। इसी के बाद कार्रवाई होगी। - विक्रम दहिया, एएसपी
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65 लाख रुपये लेकर डंकी रूट से भेजा, यातनाएं दीं, निर्वासन भी झेला
क्राॅसर:
जालसाजों ने युवक के रोते हुए वीडियो दिखाकर परिजनों से लिए रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत/पूरनपुर। आइलेट सेंटर संचालकों और फर्जी वीजा के खेल से जुड़े जालसाजों ने डंकी रूट से अमेरिका भेजने के नाम पर लोगों को जमकर लूटा है। अमेरिका से जिले के पांच लोगों को लौटाए जाने के बाद पूर्व में धोखा खाए लोगों के परिजन भी अपना दर्द लेकर अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। मुझा निवासी हरप्रीत सिंह ने डंकी रूट से अमेरिका जाने में तमाम यातनाएं झेलीं। परिजनों ने 65 लाख रुपये गवां दिए।
गांव मुझा निवासी किसान नेता बलजिंदर सिंह ने बताया कि पूरनपुर में संचालित राइट ओवरसीज इमिग्रेशन सेंटर संचालक ने भतीजे हरप्रीत सिंह को वर्क वीजा पर अमेरिका भेजने की बात कही थी। 35 लाख रुपये लिए। आरोप है कि इसके बाद भतीजे को गलत तरीके से डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया। बीहड़ रास्तों, जंगलों में उसे कई दिन पैदल चलाया गया।
रास्ते में रुपये ऐंठने के लिए यातनाएं दी गईं। उसके रोते हुए वीडियो परिजनों को भेजे। इसके बाद 30 लाख रुपये और ले लिए। बलजिंदर की तहरीर पर पुलिस ने बीते दिनों गांव भैरों खुर्द निवासी परमवीर सिंह, गांव जरा कोठी-गजरौला निवासी हरप्रीत सिंह औजला व अनिमेश सिंह पर मुकदमा दर्ज किया है।
दुकान बेची, एफडी तुड़वाई और गिरवी रखे जेवर
बलजिंदर सिंह ने बताया कि भतीजे को अमेरिका भेजने के लिए उनके भाई और उन्होंने अपनी दुकानें बेचीं। कई बैंकों की एफडी तुड़वाकर रुपये सेंटर संचालक को दिए। भतीजे के विदेश में फंसने पर आरोपियों ने रोने का वीडियो दिखाया तो एक परिचित के पास जेवर गिरवी रखकर रुपयों का इंतजाम किया।