पीलीभीत। विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी करने के मामले में वांछित चल रहे कांदीवली (मुंबई) के जालसाज अब्दुल करीम रहमान कुरैशी आखिरकार सुनगढ़ी थाने में दर्ज जालसाजी के दोनों मामलों में जेल भेज दिया गया। बेंगलुरु से जालसाज की जमानत हो गई थी। इस पर बेंगलुरू पुलिस बी वारंट दाखिल होने पर उसको लेकर पीलीभीत पहुंची और सीजेएम कोर्ट में पेश किया। अब यहां के मामलों में जालसाज को जेल भेज दिया गया है।
कनाडा भेजने के नाम पर लाखों की ठगी करने के आरोप में सुनगढ़ी थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। एक एफआईआर नौ अगस्त 2018 को मौजमपुर (शाहजहांपुर) निवासी सिमरजीत सिंह और दूसरी दो सितंबर 2018 को गजरौला कस्बा निवासी रंदीप सिंह की ओर से लिखाई गई थी। इसमें वसुंधरा कॉलोनी निवासी हरपाल सिंह, तरनजोत सिंह, गुरुपाल सिंह नामजद किए गए थे। आरोप था कि कनाडा भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगने के बाद आरोपियों ने पीड़ितों को बेंगलुरु में बंधक बनाकर पीटा गया और उनके पास मौजूद रुपये लूट लिए। पुलिस ने नामजद किए गए तीनों आरोपियों को पूर्व में ही जेल भेज दिया था।
छानबीन के दौरान इस गिरोह शामिल लोखंडवाला कांदिवली (मुंबई) के स्प्रिंगडेल अपार्टमेंट निवासी अब्दुल करीम रहमान कुरैशी का नाम सामने आया। पुलिस ने उसकी तलाश की। पता लगा कि 16 नवंबर 2018 से अब्दुल करीम वर्ष 2017 के ठगी के एक मामले में बेंगलुरु जेल में बंद है। पुलिस ने वहां उसका बी वारंट दाखिल कर दिया। अब उसकी बेंगलुरु के मामले में जमानत हो गई। चूंकि सुनगढ़ी पुलिस पहले ही बी वारंट दाखिल करा चुकी थी। इसलिए जेल से छूटते ही उसे बेंगलुरु पुलिस के हवाले कर दिया गया। मंगलवार को बेंगलुरु आरोपी को लेकर पीलीभीत आई। स्थानीय दोनों एफआईआर में अब्दुल करीम रहमान कुरैशी को सीजेएम न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
ठगी करने को रखे थे कई नाम
सुनगढ़ी पुलिस ने बताया कि आरोपी अब्दुल करीम रहमान कुरैशी शातिर जालसाज है। वह नाम बदल-बदलकर ठगी करता है। उसने रहमान, नरेश पटेल, नरेश यादव, हरमेश पटेल, सुरेंद्र कक्कड़, मंगल विश्वास नाम भी इस्तेमाल किया।
दो साल पहले कनाडा भेजने के नाम पर ठगी के दो मामले दर्ज किए गए थे। तीन आरोपियों को जेल भेजने के बाद चौथे आरोपी के तौर पर अब्दुल करीम रहमान कुरैशी का नाम सामने आया था। वह अब तक बेंगलुरु जेल में था। उसके बी वारंट दाखिल कर दिए गए थे। अब उसको बेंगलुरु पुलिस यहां ले आई और उसे इन मामलों में भी जेल भेज दिया है। - सतीश चंद बाजपेई, एसएसआई सुनगढ़ी /विवेचक