पीलीभीत/बीसलपुर। बारिश और बाढ़ में कटे पुल-पुलिया की मरम्मत तो अब तक नहीं हो सकी। वहीं सुरक्षात्मक कार्य में भी हीलाहवाली बरती जा रही है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने बीसलपुर तहसील क्षेत्र में सिर्फ चार स्थानों को सुरक्षात्मक कार्य के लिए चिह्नित किया है, लेकिन कार्य अब तक सिर्फ एक जगह ही हो सका है। कई स्थानों पर हादसे को दावत दे रही कटी सड़क और टूटी पुलिया को विभाग की सूची में जगह भी नहीं मिली है।
लोनिवि की ओर से बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर कटना नदी के पुराने पुल समेत चार स्थानों को सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने के लिए चिह्नित किया गया है। अधिशासी अभियंता एसके जैन ने बताया कि कटना नदी के पुराने पुल के पश्चिम में दीवार खड़ी की गई है। सूचना बोर्ड लगा दिया गया है। पूरब की ओर सुरक्षा की दृष्टि से बोर्ड लगाया जाएगा।
इसके अलावा बीसलपुर से चौसर हरदोपट्टी मार्ग पर गांव नगरिया फतेहपुर के पास सड़क के पास भी सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने हैं। गांव ढकिया रंजीत के पास कटना नदी के पुल के दोनों ओर और भैंसटा जलालपुर के पास टूटी पुलिया को भी सुरक्षात्मक कार्य के लिए चिह्नित किया गया, लेकिन इन स्थानों पर काम अब तक नहीं कराया गया है।
संकेतक लगे न हुए कोई अन्य सुरक्षा कार्य
नगर से गांव चौसर हरदो पट्टी जाने वाला मार्ग नौ जुलाई को आई बाढ़ में काफी चौड़ाई में कट गया था, जो अब तक सही नहीं कराया गया है। विभाग ने इस मार्ग के दोनों ओर संकेतक भी नहीं लगाए हैं। इससे आए दिन विशेष कर रात के समय हादसे होते रहते हैं। इस मार्ग से कई गांव के लोगों को आना-जाना रहता है। यह मार्ग बरेली जाने के लिए शॉर्टकट मार्ग है।
भैसटा जलालपुर मार्ग पर हर समय हादसे का डर
चुर्रासकतपुर। बीसलपुर-बरेली मार्ग से गांव भैसटा जलालपुर जाने वाला मार्ग नौ जुलाई को बाढ़ में बह गया था। यहां पर सड़क अब तक उसी हालत में है। वहां न तो संकेतक लगाए गए हैं न ही कोई अन्य सुरक्षा कार्य हुए हैं। लोग जोखिम के बीच यहां से आवागमन कर रहे हैं, कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता एसके जैन ने बताया कि बहुत जल्द इन स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे।
सुरक्षात्मक कार्य के बारे में अब तो विभाग को भी पता नहीं
बरखेड़ा। नवाबगंज-बरखेड़ा मार्ग पर देवहा नदी और गाजीपुर कुंडा के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर तक सड़क बारिश में कट गई थी। सड़क का आधा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस सड़क से रोजाना पांच हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के पास सुरक्षात्मक कार्य न होने से आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। विभाग ने इस स्थान को सुरक्षात्मक कार्य के लिए चिह्नित भी नहीं किया है।
बरखेड़ा से नवाबगंज जाने वाली सड़क पर नहीं लगाए गए संकेतक संवाद
बरखेड़ा से नवाबगंज जाने वाली सड़क पर नहीं लगाए गए संकेतक संवाद