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Pilibhit News: ठंड की दस्तक के साथ जलाशयों में पहुंचने लगे विदेशी मेहमान परिंदे

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शारदा सागर डैम में मौजूद साइबेरियन प​क्षियों का झुंड। संवाद
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पीलीभीत। ठंड की दस्तक के साथ ही कई मील की दूरी तय कर विदेशी मेहमान परिंदों की शारदा डैम समेत जलाशयों में आमद शुरू हो गई है। इससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चुनौती बढ़ गईं हैं। यह पक्षी चार माह तक प्रवास करने के बाद अपने क्षेत्र में लौट जाते हैं।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में वन्यजीवों के अलावा पक्षियों का भी अद्भुत संसार है। यहां 300 से अधिक प्रजाति के पक्षी पाए जाते हैं। वहीं हर साल ठंड का मौसम आते ही पीटीआर और उससे सटे जलाशयों की रौनक बढ़ाने के लिए साइबेरिया, सेंट्रल एशिया, रशिया, अलास्का समेत अन्य देशों से विदेशी मेहमान पक्षी लंबी दूरी तय कर बड़ी संख्या में यहां आते हैं।
इसमें 22 किलोमीटर लंबे शारदा डैम में साइबेरियन पक्षियों की सबसे ज्यादा मौजूदगी देखी जाती है। ट्रंक्युलाइज वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष अख्तर मियां ने अनुसार- करीब 100 विदेशी मेहमान पक्षियों की प्रजातियां यहां आती हैं। सर्दियों के मौसम में अक्टूबर के अंत में इन पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
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करीब चार माह के प्रवास के बाद वह वापस अपने वतन लौट जाएंगे। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि साइबेरियन पक्षियों की सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय टीम को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


शारदा डैम में मछली का नीलामी ठेका न होने से पक्षियों के शिकार की आशंका बढ़ी
22 किलोमीटर लंबे शारदा डैम में इस वर्ष अब तक मछली का नीलामी ठेका नहीं हो सका है। ऐसे में तलहटी में रहने वाले लोग मछलियों का धड़ल्ले से शिकार कर रहे हैं। अब पक्षियों की आमद होने से मछली की आड़ में उनके शिकार की आशंका भी बढ़ गई है। छोटी-छोटी नाव से शिकारी डैम में जाकर शिकार को अंजाम देने में जुटे हैं। अफसरों की ओर से सख्ती के दावे तो होते हैं, लेकिन क्षेत्रीय वनकर्मियों की ओर से गंभीरता नहीं बरती जाती। पूर्व वर्षों से साइबेरियन पक्षियों के शिकार से जुड़ी घटनाएं भी सामने आ रहीं हैं।
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