मझोला। मझोला-विज्टी-सितारगंज मार्ग के फोरलेन निर्माण से 20 से अधिक गांवों के ग्रामीण और उत्तराखंड जाने वाले राहगीर आवागमन में सुविधा मिलने की बात से काफी खुश हैं। वहीं, मझोला नगर के दुकानदार परेशान हैं। करीब 20 दुकानें मार्ग की जद में आ रही हैं। दुकानदार, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मार्ग की चौड़ाई कम करने की मांग कर रहे हैं। व्यापार चौपट हो जाने का तर्क दे रहे हैं। फिलहाल, मार्ग को चौड़ा करने का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। खोदाई कार्य अंतिम चरण में है।
विज्टी होकर मझोला-सितारगंज मार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है। करीब 113 करोड़ की लागत से यह कार्य हो रहा है। इस मार्ग पर जनपद के 20 से ज्यादा गांवों बसे हैं। औद्योगिक स्थान भरा पचपेड़ा भी इसी मार्ग पर है। प्रमुख मार्ग होने से वाहनों का दबाव भी अधिक रहता है।
मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से फोरलेन का कार्य शुरू कराया जा चुका है। प्रथम चरण में 15 किलोमीटर लंबे मार्ग के दोनों ओर खोदाई का कार्य शुरू किया गया। एक माह पूर्व से शुरू हुआ खोदाई का कार्य अंतिम चरण में है। मार्ग को चौड़ा करने के लिए किसानों की जमीनों का अधिग्रहण भी किया गया। साथ ही मझोला नगर क्षेत्र में भी निशान लगाकर मार्ग की जद को स्पष्ट किया गया। विभाग के चिह्नीकरण में नगर की कई दुकानें और मकान भी जद में आ गए। इससे दुकानदारों में हड़कंप मचा है।
दुकानदारों ने जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है। तीन दिन पूर्व इस संबंध में एक बैठक भी हुई। दुकानदारों ने विभागीय अफसरों से नगर क्षेत्र में मार्ग की चौड़ाई को 50 फीट की जगह 40 फीट करने की मांग रखी। गन्ना राज्यमंत्री के प्रतिनिधि की ओर से भी इस पर जोर दिया गया। अफसरों ने मामले में उच्च स्तरीय अनुमति लेने की बात कही।
मझोला समेत 20 गांवों के लोगों को मिलेगी राहत
मझोला, भगतनिया फार्म, बिरहैनी, विज्टी, हरदासपुर, कटईया, कुलारा फार्म, भरापचपेड़ा, भिंडारा, गिधौर, देवहा फार्म समेत 20 गांवों पड़ते हैं। इलाके की करीब 40 हजार की आबादी इस मार्ग से गुजरती है। इसके अलावा प्रमुख मार्ग होने के लिए जनपद के अलावा उत्तराखंड के लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है।