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Pilibhit News: एक साथ उठीं चार अर्थियां तो हर आंख हुई नम

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गांव सेहरामऊ उत्तरी के श्मशान घाट में मौजूद लोग।स्रोत: ग्रामीण
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पूरनपुर (पीलीभीत)। अलीगढ़ में हुए सड़क हादसे में सेहरामऊ उत्तरी के चार श्रमिकों की मौत के बाद पोस्टमार्टम होने के बाद बृहस्पतिवार देर रात शवों को गांव लाया गया। शवों को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। शुक्रवार को निकली अंतिम यात्रा में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान हर आंख नम थी। गांव के दक्षिण में स्थित श्मशान घाट पर चारों का अंतिम संस्कार अलग-अलग चिताओं पर कर दिया गया।
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बुधवार की रात अलीगढ़ में हुए हादसे में ईको में सवार सेहरामऊ उत्तरी गांव के हरिओम, अर्जुन, विपिन, लालता प्रसाद और बरेली निवासी चालक की मौत हो गई थी। जबकि गांव के ही मुनीश कुमार, रामकुमार, पप्पू, विमलेश, रामू और लखीमपुर खीरी के गांव नवला निवासी रामकुमार के साले अनंतराम घायल हो गए थे।
जानकारी मिलने के बाद परिजन अलीगढ़ रवाना हुए थे। पोस्टमार्टम होने के बाद बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 12 बजे चारों के शवों को एक ही वाहन से गांव लाया गया। मृतक के घरों के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह एक साथ चारों की अर्थी उठी तो गांव में कोहराम मच गया।
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गांव के अलावा आसपास क्षेत्रों के लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। गांव के दक्षिण की ओर बने श्मशान घाट पर चारों के शव ले जाए गए। यहां अलग-अलग चिताओं पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। हरिओम की चिता को उसके पिता दीनदयाल, अर्जुन की चिंता को उसके भाई रवि, विपिन की चिता को उसके 11 वर्षीय पुत्र देव, लालता प्रसाद की चिता को उसके छोटे भाई रामकृपाल ने मुखाग्नि दी।
चारों लोगों के अंतिम संस्कार के बाद घायल मुनीश को गंभीर हालत में इलाज के लिए गोला गोकर्णनाथ ले जाया गया। शुक्रवार को सयुस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू समर्थकों के साथ मृतकों के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर शोक व्यक्त किया। बाद में घायल मजदूरों का हाल भी जाना।

‘कुछ देर पहले ही सोए थे सभी, हादसे के बाद का मंजर देख कांप उठे’
पूरनपुर। अलीगढ़ हादसे में घायल रामकुमार ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही सभी सोए थे। टक्कर के बाद जब शरीर में दर्द हुआ तो आंख खुली। मंजर देख कांप उठे। वाहन में पीछे की सीट पर विपिन और लालता के शव पड़े थे, हरिओम उस समय जिंदा था।
हादसे के बाद आसपास के दुकानदार सबसे पहले मौके पर पहुंचे, उन्होंने ही पुलिस को जानकारी दी। बमुश्किल सभी को निकाला। पहले सोच रहे थे कि ईको चालक घटना के बाद भाग गया, लेकिन पिकअप पर आगे बैठे अर्जुन का शव बाहर निकाला तो उसके नीचे चालक का शव भी फंसा हुआ था।
रामकुमार के अनुसार घायल हरिओम को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। बाद में पता चला की उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने उन लोगों के परिजनों को घटना की सूचना दी। रामकुमार ने बताया कि हरियाणा से वे लोग बुधवार शाम आठ बजे चले थे। करीब एक घंटे तक सब जागते रहे। ईको कार चालक सावधानी से वाहन चला रहा था। दो स्थानों पर गैस डलवाने के लिए वाहन को रोका भी गया। इसके बाद सभी सो गए। संभवत: चालक को भी झपकी आने से हादसा हुआ। रामकुमार के साले अनंतराम ने कहा कि घटना ने ऐसा जख्म दिया जो बरसों नहीं भर पाएगा। संवाद

गांव सेहरामऊ उत्तरी के श्मशान घाट में मौजूद लोग।स्रोत: ग्रामीण

गांव सेहरामऊ उत्तरी के श्मशान घाट में मौजूद लोग।स्रोत: ग्रामीण

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