इन आरोपियों को माना दोषी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने मदनलाल, कल्लू धीमर उर्फ भीमसेन, सूरजपाल उर्फ सत्यपाल और सुरेंद्र उर्फ सुरेंद्रपाल उर्फ अलगू को अनिल उर्फ छोटे की हत्या के मामले में दोषी माना।
दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने चारों को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 30 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया गया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने से प्राप्त कुल धनराशि में से 50 प्रतिशत रकम वादी अथवा उसके उत्तराधिकारी को नियमानुसार उपलब्ध कराई जाए।
सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की हो गई मृत्यु
मामला न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो गई। गंगादेई का निधन 15 मई 2025 को हुआ, जबकि रामकुमार धीमर की मृत्यु 29 जनवरी 2026 को हुई। दोनों की मृत्यु के कारण उनके विरुद्ध चल रही न्यायिक कार्यवाही समाप्त कर दी गई।