पीलीभीत। बहन के देवर पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बहनोई सहित दो अन्य लोगों से शिकायत करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने का आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ। सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने चार आरोपियों को बरी करते हुए पीड़िता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
थाना गजरौला क्षेत्र की 22 वर्षीय युवती ने बरखेड़ा पुलिस को एक मई 2020 को तहरीर देकर बताया कि उसकी बहन का विवाह बरखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण से हुआ था। इस नाते उसका बहन की ससुराल में आना जाना था। बहन के देवर ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा देते हुए शारीरिक संबंध बनाया। ढाई साल तक यह सिलसिला चलता रहा। इस बीच आरोपी ने अपनी शादी कहीं और तय ली। मालूम होने पर उसने विरोध जताते हुए अपने जीजा, उनके भाई व रिश्तेदार से शिकायत की तो सभी ने उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उसकी बहन को भी मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया।
पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष अभियुक्तों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा। अदालत ने चारों आरोपियों को बरी करते हुए पीड़िता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है। संवाद