स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री एवं शहर विधायक हाजी रियाज अहमद के कभी खास सिपहसलारों में गिने जाने वाले जकाउद्दीन ने विधान सभा चुनाव के दौरान दाखिल उनके शपथपत्र में अंकित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री को गलत बताते हुए इसकी शिकायत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजी है और उनका निर्वाचन रदद् करने की मांग की है। जकीउद्दीन ने इस पत्र की एक प्रति मीडिया कर्मियों को भी दी है। उधर मंत्री ने उनके आरोप को निराधार व असत्य करार दिया है।
शहर के मोहल्ला आहाता शाहजी मियां निवासी जकाउद्दीन राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद के खास लोगों में रहे हैं लेकिन कुछ वर्षों से दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं हैं। जकाउद्दीन ने अब बसपा के नेता एवं पूर्व मंत्री अनीस अहमद के साथ हैं। अब तक वह सियासी मंचों से ही हाजी रियाज अहमद पर हमला बोलते रहे हैं। यह पहला मौका है जब उन्होंने चुनाव के दौरान हाजी रियाज अहमद द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र में अंकित इलाहाबाद से एलएलबी की बात को गलत बताया है। मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजी शिकायत में उन्होंने दावा किया है कि श्री रियाज अहमद ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी की कोई डिग्री हासिल नहीं की है न ही उन्होंने वहां कभी प्रवेश ही लिया है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव के दौरान दाखिल शपथ पत्र के किसी कॉलम में एलएलबी वर्ष 1983 तो किसी कालम में 1985 अंकित किया है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयोग से उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। इसकी प्रति उन्होंने डीएम तथा मीडिया कर्मियों को भी उनके कार्यालय पहुंच उपलब्ध कराई है।
कुछ लोग ऐसे होते हैं जो किसी का राजनीतिक कद बढ़ते नहीं देख पाते। जकाउद्दीन भी उन्हीं में से एक हैं। उनका बस एक मकसद है कि मुझे कैसे बदनाम किया जाए। उनका यह कहना कि मैंने एलएलबी नहीं की यह असत्य व निराधार है। अगर उनके पास इसका कोई सबूत है तो पेश करना चाहिए। जहां तक वर्ष 2012 में दाखिल शपथपत्र में एक स्थान पर 1983 व दूसरे स्थान पर 1985 अंकित होना बताया जा रहा है वह ओवरराइटिंग लग रही है।
-हाजी रियाज अहमद, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री