घरों को जाल लगाकर किया सुरक्षित
पुरैनी दीपनगर गांव की सीमा में जंगल के नजदीक ही कॉलोनी बसी है। ऐसे में हमले की घटना के बाद बाघ की सक्रियता के मद्देनजर जंगल की दिशा में घरों के बाहर जाल लगाया गया है। निगरानी में जुटी टीम गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
रेंजर ने अंतिम संस्कार के लिए दी 20 हजार की राशि
बाघ हमले में किसान की मौत के मामले में पीटीआर प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार की मदद की गई। महोफ रेंजर सहेंद्र यादव ने टीम के साथ गांव पहुंचकर परिजन से मुलाकात कर मदद धनराशि सौंपी। वैसे बाघ हमले की घटना के बाद अंतिम संस्कार के लिए दस हजार की मदद की जाती है।