शहर के स्टेडियम मार्ग पर सड़क के फुटपाथ के दोनों ओर खड़ी कारें। संवाद
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पीलीभीत। निजी अस्पतालों के पास स्वयं की पार्किंग न होने से सड़कों के दोनों ओर बने फुटपाथ ही वाहन स्टैंड बन गए हैं। इससे स्टेडियम मार्ग व नई बस्ती चौराहे के पास अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
शहर के स्टेडियम मार्ग पर निजी अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इन अस्पतालों में सबसे अधिक भीड़ होती है। इन अस्पतालों के बाहर निजी एंबुलेंस संचालक अपने वाहनों को फुटपाथ पर खड़ा करते हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज व उनके तीमारदारों के वाहन भी इस फुटपाथ पर ही वाहन को खड़ा कर रहे हैं। आलम यह है कि सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें रहती हैं। ऐसे में जब कोई नया मरीज यहां उपचार के लिए वाहन से पहुंचता है, तो वह अपना वाहन सड़क पर खड़ा करता है। इससे सड़क और संकरी हो जाती है। इससे यहां जाम की स्थिति बनती है। यह स्थिति दिन में तीन से चार रोजाना बनती है। स्कूली बच्चों की छुट्टी होने पर यहां दोपहर में रोजाना जाम लगता है। टीएसआई राघवेंद्र सिंह ने बताया कि वाहनों को बेतरतीब खड़ा करने को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर कार्रवाई पर भी अमल किया जा रहा है। जल्द ही अस्थाई पार्किंग को लेकर सख्ती बरती जाएगी।
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राहगीरों को निकलने में होती परेशानी
नई बस्ती चौराहे के पास भी अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इस अस्पताल के पास पार्किंग के नाम पर जगह शायद कागजों में ही सिमट गई। पार्किंग फुटपाथ पर ही बाइक व अन्य वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। इस चौराहे के पास दो कॉलेज सहित एक महाविद्यालय के बच्चों का आना-जाना रहता है। ऐसे में यहां दिन में कई बार जाम लगता है। इससे राहगीरों को निकलने में काफी समस्या होती है।
नियमावली महज कागजी कार्रवाई तक ही सिमटी, अफसर बेखबर
किसी भी अस्पताल, नर्सिंग होम आदि बनाने के लिए सभी मानकों को पूरा कराने का दावा किया जाता है। जिससे अन्य लोगों के लिए असुविधा न हो। इसके बावजूद पार्किंग के नाम किस नियमावली के अंतर्गत स्वीकृत दी गई। यह भी अफसरों को सवालों के घेरे में खड़ा कर रही है। जबकि अधिकांश अस्पतालों में पार्किंग के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है।
शहर के स्टेडियम मार्ग पर सड़क के फुटपाथ के दोनों ओर खड़ी कारें। संवाद- फोटो : संवाद