पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को हुए मतदान के दौरान दो ब्लाकों में ललौरीखेड़ा ब्लाक का बरहा मतदान केंद्र खासा चर्चित रहा। डीएम के निर्देश पर प्रधान पद प्रत्याशी के भाई समेत दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और मतदान केंद्र की परिधि में खड़े दो वाहन कब्जे में ले लिए। वहीं ग्रामीणों ने एक-दूसरे पर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाकर खूब हंगामा हुआ। इस कारण दोपहर बाद से शाम तक मतदान केंद्र पुलिस छावनी बना रहा।
ललौरीखेड़ा ब्लाक का बरहा मतदान केंद्र आठ बूथों के लिहाज से दूसरे चरण का सबसे बड़ा मतदान केंद्र रहा। यहां सुबह सात बजे से ही छत्रपति शिवाजी कालोनी, श्रीराम कालोनी, जोशी कॉलोनी, राजीव कालोनी, बरहा व रेलवे कालोनी के लोग वोट डालने के लिए पहुंचने लगे। सुबह करीब नौ बजे डीएम मासूम अली सरवर ने मतदान केंद्र का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने एक प्रत्याशी के भाई को बूथ के बाहर लाइन में खड़े मतदाताओं को समझाते हुए देख लिया। डीएम के निर्देेश पर प्रत्याशी के भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मतदान केंद्र के बाहर लगी भीड़ हटाने के दौरान एक व्यक्ति पुलिस ने भिड़ गया। उसे भी हिरासत में ले लिया गया। मतदान केंद्र की परिधि में खड़े सपा नेता की कार और एक बाइक पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली।
फर्जी मतदान की सूचना पर पहुंचे अधिकारी
बरहा मतदान केंद्र के बूथ संख्या 108 के मतदान कर्मियों पर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट नन्हेंलाल पुलिस टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने बताया कि एक महिला मुहर लगाने के बाद बैलेट पेपर बाहर ले जा रही थी, जिसे रोकने पर लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। फर्जी मतदान की बात निराधार है।
शिकायत पर बदले पीठासीन अधिकारी
बरहा के कुछ लोगों ने बूथ संख्या 108 पर तैनात पीठासीन अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाया। इस पर पीठासीन अधिकारी राधेश्याम को हटाकर उनके स्थान पर धर्मेंद्र कुमार गंगवार को लगा दिया गया।
नमूना बैलेट पेपर से समझाते एक को दबोचा
न्यूरिया क्षेत्र के जटपुरा मतदान केंद्र पर ग्रामीण श्याम बिहारी को लाइन में खड़े मतदाताओं को नमूना बैलेट पेपर दिखाकर समझाने के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया। हालांकि देर शाम तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।