पीलीभीत में मंगलवार की सुबह आसमान में छाया घना कोहरा।संवाद
पीलीभीत। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार की सुबह तड़के ही जिला कोहरे की चादर में लिपट गया। दोपहर तक कोहरे ने वाहनों की रफ्तार कम कर दी। हालांकि, फिर धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार मौसम का मिजाज गेहूं की फसल के लिए काफी मुफीद है।
तराई में मौसम का उतार चढ़ाव जारी है। चार दिन पूर्व से लगातार सुबह होते ही धूप खिलने से लोग राहत महसूस कर रहे थे, लेकिन मंगलवार को मौसम फिर बदल गया। सुबह तड़के घने कोहरे की चादर छाई रही। कोहरे का दोपहर 12 बजे तक असर रहा। मौसम में गलन होने से ठंड का अहसास हुआ। घना कोहरा होने से सड़कों पर वाहनाें की आवाजाही कम दिखी। वाहन सवार लाइट जलाकर धीमी गति से आवाजाही करते दिखे। हालांकि, दोपहर बाद मौसम अचानक फिर बदला और धूप निकल गई। इससे लोगों को ठंड से राहत मिली। शाम चार बजे तक लोग धूप का आनंद लेते रहे। शाम होने पर फिर गलन की समस्या बढ़ गई। इससे लोग बचाव करते दिखे।
तीन दिन तक कोहरा बनेगा समस्या
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम 19.3 व न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि सोमवार को अधिकतम 20.7 व न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि अभी तीन दिन तक कोहरे की समस्या ऐसे ही बनी रहेगी। इसके बाद मौसम साफ होगा।
गेहूं की फसल को अधिक लाभ
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि मौसम का उतार-चढ़ाव गेहूं की फसलों के लिए मुफीद है। इससे गेहूं की पैदावार बढ़ेगी। आलू की फसल के लिए लाभकारी है। हालांकि इस मौसम में आलू की फसल में विभिन्न दवाओं का स्प्रे किया जाता है। इसपर किसानों को ध्यान देने की जरूरत है।
चिकित्सक बोले-लापरवाही सेहत पर पड़ेगी भारी
मौसम के लगातार बदलने से सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन व सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि सुबह-शाम ठंड और दिन में धूप को हल्के में न लें। यह शरीर के लिए नुकसान दायक है। अभी गर्म कपड़ों का पूरी तरह इस्तेमाल करें। ठंड में अधिक समय तक रहने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का अधिक ध्यान रखें। शरीर में कोई भी समस्या दिखे तो चिकित्सक से जरूर सलाह लें।
पीलीभीत में मंगलवार की सुबह आसमान में छाया घना कोहरा।संवाद