बीसलपुर। तहसील क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में इस बार बाढ़ का प्रकोप रहा है। बाढ़ से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें फसलें अधिक नष्ट हुईं हैं। इसके अलावा मार्ग, पुल की एप्रोच भी शामिल हैं। हालांकि, अभी सटीक आकलन के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है।
पटनिया के प्रधान आशीष कुमार ने बताया कि उनके गांव में 50 से अधिक किसानों का लगभग 60 लाख का नुकसान हुआ है। अहिरवाड़ा की प्रधान राम कन्या के अनुसार उनके गांव और उनकी ग्राम पंचायत के मजरा दुबहा में सौ से अधिक किसानों का करीब 80 लाख रुपये की फसलों का नुकसान हो गया।
गांव के पांच किसानों की 10 बीघा जमीन नदी में कट गई। नदी के किनारे स्थित जमीन की कीमत दो लाख रुपये बीघा है। इस प्रकार कटी हुई जमीन की कीमत 20 लाख रुपये बताई गई।
मुसेली के प्रधान मोहम्मद इश्तियाक ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के गांव भैंसटा जलालपुर के पास 140 मीटर सड़क कट गई है। बैरा की प्रधान श्वेता मिश्रा ने बताया कि अमृता खास जाने वाली सड़क कट गई है। नगर से गांव चौसर हरदोपट्टी जाने वाली सड़क रम्पुरा गांव के पास कई जगह कटी है।
गांव कामघाट के पास माला नदी का पुल थोड़ी जगह में टूट गया है। बीसलपुर बरेली मार्ग पर गांव गोवल के पास सड़क टूट गई। सितारगंज मार्ग महेंद्र नगर कॉलोनी के सामने टूट गया है। पीलीभीत हाईवे से गांव अर्जुनपुर तक जाने वाला मार्ग, कासिमपुर तक जाने वाला मार्ग, बीसलपुर बरेली हाईवे से गांव कंधरापुर जाने वाला मार्ग, गूगल मार्ग, नवदिया भगत मार्ग, घटगवां तक जाने वाला मार्ग, कर्रखेड़ा तक जाने वाला मार्ग, बीसलपुर खुदागंज हाईवे से गांव खांडेपुर जाने वाला मार्ग, चौखंडी मार्ग, पीलीभीत हाईवे से गांव ढुकसी जाने वाला मार्ग, मंडरा सुमन मार्ग, हेतम नगला मार्ग, गांव बढ़ेपुरा, बसारा, महावा जाने वाले मार्ग भी जगह-जगह टूट गए हैं। संवाद
इन गांवों में हुआ बाढ़ से नुकसान
रम्पुरा, नगरिया, ढुकसी, घम्वां, फतेहपुर, महावा, चौखंड़ी, करखेड़ा, मोहम्मदपुर, रसूला, कंधरापुर, गोवल, बढ़ेपुरा घारम, खांडेपुर, बरसिया, रमपुरा रना, नवदिया बालजीत, उगनपुर मरौरी, अहिरवाड़ा, दूबहा, मुसेली, भैंसटा जलालपुर, पटनिया, परेवा, खानपुर, वीरमपुर, महुआ ,मुड़िया कुंडरी, मुड़िया हुलास, मीरपुर वाहनपुर, महादेवा, ,राजुपुर, भौरुआ, अर्जुनपुर, हीरापुर, कबूलपुर, तिहुलिया, ललौर गुजरानपुर, किशनी, चौसर हरदोपट्टी, अखौला, अखौली, भीकमपुर, परानपुर, कितनापुर, नवदिया भगत, नवदिया सितारगंज, अमृता खास, बरारा, हेतमनगला, मंडरा सुमन ,चुटकुना व शेखापूर आदि शामिल हैं।
प्रशासन के हिसाब से केवल 25 गांव में हुआ नुकसान
प्रशासन के हिसाब से इस तहसील क्षेत्र के 25 गांवों में बाढ़ से नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान का सर्वे सोमवार से शुरू करवा दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद नुकसान के अनुपात में पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। सभी 25 गांवों के पीड़ितों को बाढ़ राहत सामग्री दी गई है। दूसरे चरण की राहत सामग्री मंगवाई गई है। - नागेंद्र पांडेय एसडीएम बीसलपुर
बढेपुरा घारम में अभी तक भरा बाढ़ का पानी
नगर से तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित गांव बढेपुरा घारम में अभी तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गांव की अधिकांश सड़कें और गलियां जलमग्न हैं। प्राथमिक विद्यालय और वहां तक आने वाले मार्ग पर भी पानी भरा हुआ है। इसकी वजह से सोमवार को विद्यालय खुल नहीं पाया।
गांव में सौ से अधिक किसानों का करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। गांव के किसान बाढ़ से पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। - अरविंद कुमार, पूर्व प्रधान गोवल पतिपुरा
गांव देवहा नदी से बिल्कुल सटा हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बाढ़ का पानी सबसे पहले गांव में आ जाता है। गांव में 50 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है। - दीपक शंखधर गांव कंधरापुर