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शारदा उफनाई ... रमनगरा व नलडेंगा क्षेत्र के निचले हिस्से में जलभराव, कुछ घरों में भरा पानी

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शारदा का जलस्तर से बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों के घरों में घुसा बाढ़ का पानी - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के चलते शनिवार को बनवसा बैराज से 1.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसस शारदा नदी उफना गई। जलस्तर बढ़ने से शारदा नदी के पार के नलडेंगा और रमनगरा गांव का निचला इलाका पानी में डूब गया। कुछ घरों में भी पानी भर गया। हालांकि जलस्तर कम होने के बाद नदी से हुए नुकसान का आकलन हो सकेगा।
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पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद शनिवार को बनवसा बैराज से 1.96 लाख क्यूसेक पानी शारदा नदी में छोड़ा गया। दोपहर बाद कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के जलस्तर में वृद्धि देखी गई और कुछ देर बाद नदी उफना गई। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ सिंचाई विभाग के अफसरों की भी धड़कनें तेज होती दिखी। जलस्तर बढ़ने से नदी के इस पार के इलाके में कोई खास असर नहीं देखा गया, मगर शारदा नदी के पार रमनगरा और नलडेंगा क्षेत्र का कुछ निचला इलाका पानी में डूब गया। कुछ घरों में भी पानी भर गया। वही गभिया सहराई क्षेत्र में 12 करोड़ से अधिक की लागत से कराए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्य भी पूरी तरह से नदी के पानी में डूब गए। विभागीय अभियंता और ठेकेदार बचाव कार्य के रूप में रेत भरे एसी बैग संभावित कटान वाले स्थानों पर डालने में जुटे दिखाई दिए। अच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में नदी की चौड़ाई अधिक होने के चलते पानी की धार का बहाव योजना स्थल की तरफ नहीं है। विभागीय अभियंता शारदा नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही नुकसान के आकलन की बात कह रहे है। जलस्तर कम होने के बाद नदी का कटान भी शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। बाढ़ खंड के एसडीओ व नोडल कंट्रोल रूम अमित कुमार ने बताया कि बनवसा बैराज से पानी छोड़ा गया है, मगर नदी में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है।
नदी का संचालन हुआ बंद
नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी की लहरें उफान पर देखी गई। इससे नाव का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। नाव का संचालन बंद होने से शारदा पार से आने जाने वाले लोगों को खासी परेशानी होने की बात कही जा रही है।
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पहाड़ों से बहकर आ रही लकड़ी को बीनने की मची होड़
शारदा नदी में पहाड़ों से भारी मात्रा में पेड़ और लकड़ियां पानी में बहकर आ जाती है। इस मामले की लोगों को जब भनक लगी तो नौजल्हा, नलडेंगा, गभिया सहराई, रमनगरा आदि क्षेत्र में ग्रामीण नदी की ओर भाग खड़े हुए। देर शाम तक नदी के किनारे बसे गांवों के लोग नदी से लकड़ियों को निकालने में जुटे देखे गए।
राहुलनगर व खिरकिया बरगदिया की आबादी में घुसा पानी
पूरनपुर। पहाड़ों पर हुई बारिश से शनिवार को बनवसा बैराज से शारदा नदी में पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर पहुंच गई। गांव राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया की आबादी में और नदी किनारे के निचले स्थानों पर जलभराव हो गया। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर पर नदी किनारे के गांवों के लोगों में डर है। आबादी में पानी भरने से गांव राहुलनगर और खिरकिया बरगदिया के लोगों ने घरेलू सामान समेटना शुरू कर दिया। राहुलनगर के समीप पिछले कई दिनों से कराए जा रहे बचाव कार्य भी पानी में डूब गए। बाढ़ की आशंका पर लोग दहशत में है। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बनवसा बैराज से शारदा में पानी रिलीज होने से नदी का जलस्तर बढ़ा है। अभी बाढ़ के हालात नहीं है। राहुलनगर में घर सड़कों से काफी नीचे होने पर घरों में पानी भरा है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। हल्का लेखपालों को स्थिति पर नजर रखने और समय से स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए है।
शारदा नदी उफनाने से गांव और आसपास इलाके की स्थिति खराब हो गई है। घरों में पानी भर गया है। नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे मेें बाढ़ की आशंका से गांव के लोग दहशत में है। अभी तक कोई कर्मचारी, अफसर गांव की स्थिति जानने को नहीं पहुंचे है।
- अनिल कुमार, राहुलनगर
गांव शारदा नदी के मुहाने पर होने से पिछले चार, पांच सालों से गांव में बाढ़ आ जाती है। हर बार बाढ़ आने के समय अफसरों को गांव को बचाने की याद आती है। ऐसे में कराए गए बचाव कार्य शारदा की नदी की भेंट चढ़ जाते है। गांव को बचाने को कोई ठोस उपाय नहीं हो रहे है।
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- परमानंद, राहुलनगर
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