पीलीभीत। बरेली- सितारगंज हाईवे भूमि अधिग्रहण मामले की जांच में दोषी पाए गए पांच लेखपाल और एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को निलंबित किया गया है। इनमें अमरिया तहसील के चार और सदर तहसील का एक लेखपाल शामिल हैं। पूरनपुर तहसील से सेवानिवृत्त हो चुके कानूनगो पर कार्रवाई के जिला प्रशासन ने राजस्व परिषद को पत्र भेजा है।
पीलीभीत से गुजरे बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण के लिए अगस्त 2024 में भूमि अधिग्रहण और परिसंपत्तियों के मुआवजे का मूल्यांकन कराया गया था। राजस्व कर्मियों और एनएच की टीम ने जांच कर रिपोर्ट दी। एनएच के नवागत पीडी ने कार्यभार संभाला तो मुआवजे में परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में गड़बड़ियां सामने आईं। भूमि अधिग्रहण मामले में कई अन्य खुलासे भी हुए।
इस पर मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने अपर आयुक्त प्रीति जायसवाल को जांच अधिकारी बनाया। अपर आयुक्त ने अमरिया और जहानाबाद में आकर जांच की थी। इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी। रिपोर्ट में राजस्व कर्मियों पर परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने की बात सामने आई।
दो दिन पहले जांच रिपोर्ट पीलीभीत जिला प्रशासन को मिली थी। इसमें अमरिया तहसील के पांच और सदर तहसील के लेखपाल दोषी पाए गए थे। एक कानूनगो पर भी परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में लापरवाही तय हुई थी। मामले में पांच लेखपाल और एक कानूनगो को निलंबित किया गया है।
इन पर हुई निलंबन की कार्रवाई
जांच रिपोर्ट आने के बाद अमरिया एसडीएम मयंक गोस्वामी तहसील के लेखपाल विनय कुमार, आलोक कुमार, मुकेश गंगवार व ज्ञानदीप गंगवार को निलंबित कर दिया। वहीं सदर एसडीएम महीपाल सिंह ने लेखपाल मुकेश मिश्रा को निलंबित किया है। राजस्व निरीक्षक व तत्कालीन लेखपाल तेजपाल को डीएम संजय कुमार सिंह ने निलंबित कर दिया। जांच के आदेश किए हैं। वहीं, कानूनगो दिनेश मिश्रा पूरनपुर तहसील से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एडीएम ऋतु पूनिया ने बताया कि सेवानिवृत्त कानूनगो के संबंध में राजस्व परिषद को रिपोर्ट भेजी गई है।