पीलीभीत। बीएसए कार्यालय के विद्युत केबिन में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। इसकी सूचना मिलने पर दमकल कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बमुश्किल आग पर काबू किया। हादसे में कक्ष में रखे अभिलेख और हजारों का सामान जल गया। अभिलेख कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पिछले दिनों निकली नौकरियों के आवेदनों से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। हालांकि इसकी तस्दीक के लिए टीम गठित कर दी गई है। चौकीदार की लापरवाही मानते हुए उसे निलंबित कर दिया है। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
हादसा शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ। कार्यालय परिसर में सीढ़ियों के पास बने विद्युत केबिन में अचानक आग लग गई। आग की लपटों ने कुछ ही देर में भीषण रूप ले लिया। कार्यालय से धुआं उठाता देखकर आसपास की कॉलोनी में रहने वाले तमाम लोग जमा हो गए। इसकी सूचना दमकल और बीएसए कार्यालय के कर्मचारियों को दी गई। करीब आधे घंटे बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और पहले पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से संपर्क कर सप्लाई बंद कराई। परिसर में लगे तारों की भी सप्लाई कट कर दी गई। फिर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू कर लिया गया। बीएसए चंद्रकेश सिंह, स्टेनो राजेश और लिपिक राकेश पटेल भी मौके पर पहुंच गए। उनका कहना है कि आग में इनवर्टर, बैटरी, फर्नीचर समेत हजारों का सामान जल गया। कुछ अभिलेख भी जले हैं। पिछले दिनों बा स्कूलों में नौकरी निकली थीं, उसी के आवेदन जलने की आशंका है। इसके अलावा डिस्पैच रजिस्ट्रर भी जले हैं।
आग लगने के मामले में रात्रिकालीन चौकीदार निलंबित
बीएसए कार्यालय के विद्युत केबिन में लगी आग के मामले में बीएसए ने चौकीदार की लापरवाही पाते हुए उसे निलंबित कर दिया। बीएसए चंद्रकेश सिंह ने पाया कि रात्रिकालीन चौकीदार सूरज प्रकाश अपनी रात्रिकालीन ड्यूटी को नियमित रूप से अंजाम नहीं दे रहे थे। बीएसए ने प्रथम दृष्टया चौकीदार सूरज प्रकाश को दोषी पाते हुए शुक्रवार शाम निलंबित कर दिया। बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि जांच में रात्रिकालीन चौकीदार सूरजप्रकाश को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है। उन्हें बीआरसी मरौरी से संबद्ध किया गया है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। लापरवाही पर चौकीदार को निलंबित कर दिया है। अभिलेख कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में रिक्त पदों पर निकाली गई भर्ती के आवेदनों के होने की उम्मीद है। इसकी तस्दीक के लिए तीन सदस्सीय टीम बना दी है। - चंद्रकेष सिंह, बीएसए